बुलंदशहर: वैसे तो देश की अदालतों में लगे मुकदमों के अंबार में सालों बाद फैसले आने के तमाम केस हैं. लेकिन बुलंदशहर (BULANDSHAHAR) की सेशन कोर्ट ने जिस केस में ये फैसला सुनाया है. उसके बाद तमाम तरह की प्रतिक्रियाओं का दौर चल रहा है. दरअसल, 70 साल की एक महिला को सेशन कोर्ट ने 11 साल की सुनवाई के बाद उम्रकैद की सजा सुनाई है ।
क्या है पूरा मामला…
मामला 31 जुलाई 2010 का है. उस दौरान 59 साल की कस्तूरी देवी नाम की एक महिला जनपद बुलंदशहर (BULANDSHAHAR) के अनूपशहर थाने पहुंची थी. थाने पहुंचकर कस्तूरी देवी ने पुलिस के सामने कहा कि, उन्होंने अपनी बेटी को रेप से बचाने की जद्दोजहद में एक युवक की जान ले ली है.यानि उनका कहना था कि, प्रवीण नाम के एक युवक उनकी 20 साल की बेटी से रेप करने की कोशिश कर रहा था. तब बेटी को बचाने केी कोशिश में उन्होंने वहां रखी कुल्हाड़ी से प्रवीण पर वार कर दिया और उसकी मौत हो गई. इस पूरे मामले में अहम बात ये कि, खुद कस्तूरी देवी ने ये कबुलनामा थाने जाकर किया था. तब2010 से लेकर अबतक ये मामल अदालत के आंगन में था जिस पर अब निर्णायक फैसला हुआ है।
अदालत ने बताया ‘ऑनर किलिंग’
इस मामले में महिला ने हत्या को आत्मरक्षा बताया तो वहीं तमाम सुनवाई के बाद दिए गए अपने फैसले में अदालत का मानना है कि, कस्तूरी देवी ने जानबूझकर इस हत्या को प्लांट किया. कोर्ट का मानना था कि अगर अपनी बेटी को बचाने के प्रयास में कस्तूरी देवी ने हमला किया होता तो वह सिर्फ एक हमला होता. लेकिन कस्तूरी देवी ने मृतक के ऊपर पांच बार कुल्हाड़ी से घातक वार किए थे. जो दर्शाता है कि कस्तूरी देवी ने जानबूझकर उस व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया था. कोर्ट ने माना कि यह ऑनर किलिंग है और सत्तर वर्षीय कस्तूरी देवी को अब बाकी की जिंदगी सलाखों के पीछे गुजारनी होगी. बता दें कि, बुलंदशहर सेशन कोर्ट के जज राजेश्वर शुक्ला ने 14 अक्टूबर 2021 को ये फैसला सुनाया ।
रिपोर्ट-
बुलंदशहर ब्यूरो- अपना उत्तर प्रदेश
