लखनऊः उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की राहें दिन ब दिन मुश्किल होती जा रही है और ऐसा लग रहा है कि सपा अध्यक्ष का हर कोई साथ छोड़ने का फैसला लेता जा रहा है. लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद सपा बसपा गठबंधन तो टिका नहीं लेकिन अब उससे भी बड़ी बड़ी परेशानियों ने भी समाजवादी पार्टी में दस्तक देना शुरू कर दिया है. यूपी में हार का ठीकरा मायावती ने सीधे सीधे समाजवादियों और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सिर फोड़ा और फिर सपा का दामन छोड़ दिया. अब जो खबर हम आपको बताने जा रहे हैं उससे आप खुद समझ जाएंगे कि सपा कितनी बुरी स्थिति से गुजर रहा है.
साइकिल से उतरकर हाथी पर चढ़े
पहले बसपा ने गठबंधन तोड़कर सपा को झटका दिया और अब बसपा ने दूसरे तरीके से सपा को तगड़ा झटका दिया है. हुआ ये है कि चार बार विधायक और दो बार मंत्री रहे अयोध्या प्रसाद पाल ने सपा की साइकिल से उतर कर बसपा के हाथी पर सवार होने का फेसला लिया है और इस फैसले के बाद झट से बसपा का दामन एक बार फिर से थाम लिया है.
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रविवार को की बसपा में शामिल होने की घोषणा
अयोध्या प्रसाद पाल के बसपा में शामिल होने की घोषणा बसपा के सेक्टर इंचार्ज अशोक गौतम ने की. अयोध्या प्रसाद पाल ने इस बारे में मीडियाकर्मियों से बात की और इसी दैरान बताया कि “वह पूरी निष्ठा के साथ पार्टी में रहकर कार्य करेंगे.”
आपको बता दें कि पूर्व मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा को छोड़ सपा में शामिल हुए और इसकी वजह ये थी कि बसपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया. सपा में उनकी पारी कुछ जमी नहीं और वो चुनाव हार गए. अयोध्या प्रसाद पाल के बारे में बता दें कि वो साल 1996 से 2017 तक लगातार विधायक रहे और बीएसपी सरकार में नागरिक राज्य मंत्री और खेलकूद युवा कल्याण मंत्री भी रहे लेकिन 2017 में अयोध्या प्रसाद ने सपा से अयाहशाह विधानसभा में चुनाव लड़ा और हार गए और अब वो एक बार फिर से अपनी नयी पारी की शुरुआत बसपा से ही करने को तैयार हैं.
