बीजेपी में शामिल होते ही बढ़ीं कल्याण सिंह की मुसीबतें!

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लखनऊ: पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह ने इधर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की. उधर एक नई मुसीबत उनके सामने मुंह बाहे आकर खड़ी हो गईं. 87 साल के कल्याण सिंह ने राज्यपाल पद पर रहने के बाद अब फिर स सक्रिय राजनीति में उतरे हैं. बीजेपी प्रदेश मुख्यालय पर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई.

बाबरी मामले में CBI ने डाली अर्जी
दरअसल, गवर्नर पद से हटने और बीजेपी में शामिल होते ही सीबीआई भी सक्रिय हो गई. बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई ने कल्याण सिंह को अयोध्या विवाद की स्पेशल कोर्ट में तलब करने की अर्जी लगाई है. इससे पहले इस मामले में बाकी अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था लेकिन राज्यपाल पद यानि संवैधानिक पद पर रहते हुए कल्याण सिंह को छूट मिल गई थी. अब पद से हटने के बाद छूट खत्म हुई तो सीबीआई ने अदालत का दरवाजा खटखटा दिया है.

क्या है पूरा मामला?
देश की सबसे अदालत सुप्रीम कोर्ट ने 19 अप्रेल 2017 को बाबरी विध्वंश मामले में बीजेपी के सीनियर लीडर लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमाभारती के खिलाफ आपराधिक साजिश के मामले को फिर से बहाल करने के आदेश दिए थे. उस घटना के वक्त कल्याण सिंह यूपी के मुख्यमंत्री थे लिहाजा उन पर भी आरोप था इस मामले में आडवाणी मुरली मनोहर जोशी और उमाभारती कोर्ट में हाजिर हुए थे लेकिन राज्यपाल होने के चलते कल्याण सिंह को छूट मिल गई थीं. सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई द्वारा दर्ज मुकदमें के मुताबिक कल्याण सिंह घटना के वक्त सीएम थे और उन्होंने राष्ट्रीय एकता परिषद वादा किया था कि, ढांचे को ढहाने नहीं देंगे बावजूद इसके वादे के विपरित ऐसा हुआ और कल्याण सिंह ने सीएम रहते केंद्रीय बल इस्तेमाल करने का आदेश भी नहीं दिया था. सीबीआई का आरोप है कि, प्रथम दृश्यता वो इस साजिश में शामिल थे और उन्होंने अगले दिन मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.

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