69000 भर्ती: शिक्षामंत्री के आश्वासन के बाद भी नहीं पहुंचे AG, नाराज अभ्यर्थियों ने किया घेराव

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लखनऊ: बीते सात महीने से सूबे के हजारों अभ्यर्थी अपने भविष्य को लेकर हलकान और परेशान हैं, लेकिन शासन के कान पर जूं नहीं रेंग रही हैं. महाधिवक्ता तो कहीं नजर ही नहीं आ रहे हैं. सुनवाई ना होने से परेशान सैकड़ों अभ्यर्थियों ने राजधानी लखनऊ में बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव किया.

महाधिवक्ता के सुनवाई में पहुंचने की मांग
69000 शिक्षक भर्ती के ये अभ्यर्थी महाधिवक्ता के सुनवाई में पहुंचने की मांग कर रहे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि, केवल एख बार ही महाधिवक्ता सुनवाई में शामिल हुए हैं. और पिछली 5-6 तारीख से सुनवाई को नहीं पहुंचे हैं जिससे उनका पक्ष अदालत के सामने नहीं रख पा रहा है.

शिक्षामंत्री ने दिया था भरोसा
यूपी के नए नवेले बेसिक शिक्षामंत्री सतीश द्विवेदी ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया था कि, इस तारीख को महाधिवक्ता सुनवाई में जरुर पहुंचेगें. इस आश्वासन के बाद इस शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को लगा था कि, इस बार उनका पक्ष रखा जा सकेगा लेकिन बीते 5 सितंबर को हुई इस मामले की सुनवाई में भी महाधिवक्ता नहीं पहुंचे तो अभ्यर्थियों सड़क पर उतर आए.

क्या है मामला?
दरअसल, 6 जनवरी 2019 को 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा हुई थी. इस परीक्षा में 4 लाख 10 हजार 440 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. इसके बाद सरकार ने 7 जनवरी को शासनादेश जारी किया था कि, अभ्यर्थियों की ज्यादा संख्या होने और शिक्षकों की गुणवत्ता की वजह से इस परीक्षा में कटऑफ के अंक 65 और 60 फीसद रहेंगे. यानि आरक्षित वर्ग के लिए 60 और सामन्य वर्ग के लिए 65 प्रतिशत. इस परीक्षा में शिक्षामित्र भी सम्मिलित हुए थे जिन्हें 25 अंको का भारांक मिला था. शिक्षामित्र और कुछ अन्य लोग ज्यादा कटऑफ का विरोध कर रहे थे. क्योंकि, एक दिसंबर और 5 दिसंबर को जारी हुई 2018 की भर्ती में ये कटऑफ 33 और 30 फीसदी थी.इसी को लेकर करीब 99 अभ्यर्थियों ने कोर्ट में याचिका दायर की थी.

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