सीएम योगी आदित्यनाथ की 3 दिन की चेतावनी…केवल 3 दिन…

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नकारा नौकरशाही और कामचोर अधिकारियों-कर्मचारियों को कतई बख्शने के मूड में नहीं है. नौकरशही-अफसरशाही में ‘स्व्च्छता अभियान’ के बीच मुख्यमंत्री ने अधिकारियों क साफ और कड़े शब्दों में केवल औऱ केवल 3 दिन वाली चेतवानी दी है. सीएम ने कहा है कि, अगर किसी भी विभाग की फाइल तीन दिन से ज्यादा रूकी तो इसकी जवाबदेही तय होगी. किसी भी औपचारिकता के पेंच में काम नहीं रुकना चाहिए.

मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव कार्यालय पर भी लागू नियम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को साफ कहा कि, ये नियम सभी पर लागू है. यह नियम मुक्यमंत्री कार्यालय और मुख्य,चिव कार्यालय पर भी लागू होगा. किसी को भी इस मामले में छूट नहीं दी जा सकती और अघर फाइल रोकी गई तो इसका जवाब देना पड़ेगा.

2 साल से अटकी फाइल पर नाराज हुए सीएम
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथलोकभवन में बुंदेलखंड और विंध्यक्षेत्र के पाइप पेयजल योजना की समीक्षा कर रहे थे. तब पता चला कि, करीब पौने दो साल बाद भी विभागीय औपचारिकता के पेंच के कारण अब तक काम ही शुरू नहीं हुआ है. इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सीएम ने सबको फटकार लगाई. इथना ही नहीं लखनऊ में पेंडिग औऱ अन्य फाइलों को लेकर भी उन्होंने सख्त नाराजगी जताई.

आपका काम अवरोध बनना नहीं. कोई परेशानी हो तो मुझे बताएं
मुख्यमंत्री योगी आदितयनाथ ने कहा कि, ये योजना बहुमत महत्वकांक्षी है और जनहित से जुड़ी योजना है. मैं इसकी प्रगति की कई बार समीक्षा कर चुका हूं. बावजूद इसके स्थिति है कि, फाइलों पर बार-बार टिप्पणी लिखनी पड़ रही है. टिप्पणी पर टिप्पणी लिखने की जगह आप लोग कुछ मिनटों के लिए एक साथ बैठ जाएं तो समस्या का समाधान हो जाएगा. आप लोगों का काम विकास को गति देना है ना कि, उसमें अवरोध बनना.मुख्यमंत्री ने कहा कि, अगर आपसी बातचीत में कोई परेशानी है तो मुख्य सचिव या मेरे कार्यालय के अधिकारियों के बैठकर समस्या का हल निकालें. जरुरत पड़े तो मुझे बताएं. लेकिन जो योजना बने उसका संपूर्ण प्लान बनना चाहिए. तमाम आपत्तियों का निस्तारण एख साथ बैठकर क्यों नहीं हो सकता. हर महीने काम की एक डेडलाइन तैयार करें एक साथ बैठें और अनुपालन सुनिश्चित कराएं.

मुख्य सचिव की सफाई भी नहीं सुनी!
अधिकारियों के रवैये से नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय की सफाई भी नहीं सुनी. सीएम ने सख्त होते हुए कहा कि, जो मिनट्स बनते हैं वो आपसे पास भी आते हैं ऐसे में जवाबदेही तो आपकी भी बनती है. मुख्यमंत्री नेकहा कि, हर विभाग का बजट आ चुका है एक महीने पहले हमने उच्च मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक की थी एक दो दिन में फिर उनके साथ बैठक होगी पूरे प्लान के साथ आना सुनिश्चित कराइये. वहीं हर हफ्ते दिल्ली जाने वाले अधिकारियों से नाराज सीएम ने कहा कि, जिनके पास दिल्ली और लखनऊ में सरकारी आवास है उनके दिल्ली वाले आवास रद्द कराइये. सरकारी सुविधाएं एक ही जगह मिल सकती है.

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