दिल्ली/लखनऊ: सभी दलों का दावा है कि, वो 2022 में सरकार बनाएंग वहीं सूबे की 7 सीटों पर हो रहे उपचुनाव को 2022 का सेमीफाइनल कहा जा रहा है, लेकिन सेमीफाइनल के इस मैदान में विपक्ष के दिग्गज तो दिखाई ही नहीं दे रहे हैं. जबकि, दूसरी ओर सीएम योगी आदित्यनाथ यूपी के साथ-साथ बिहार में भी रैलियां कर रहे हैं. ऐसे में सवाल ये है कि, क्या विपक्ष ने बीजेपी को दे दिया वॉक ओवर ?
प्रचार में बचा है कम समय….
दरअसल, यूपी में 7 सीटों पर 3 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के दंगल में, अब करीब 10 दिन का समय बचा है. ऐसे में जब सभी दलों की प्रतिष्ठा दांव पर है तो सभी दलों के दिग्गजों का मैदान में दिखाई देना भी बहुत जरूरी है. लेकिन यहां तो दूरबीन लगाकर देखने पर भी विपक्षी दिग्गजों के दर्शन नहीं हो रहे हैं. जबकि, सूबे में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद उपचुनाव के मैदान में उतर कर जीत की हर कसौटी को कस रहे हैं, इसी कड़ी में वृहस्पतिवार को भी बुलंदशहर और अमरोहा, टूंडला में जनसभा कर इरादे जता दिए ।
सपा के स्टार प्रचारक भी गायब
सीएम योगी इन सभी सीटों पर अपने बूथ लेब के कार्यकर्ताओं से तो पहले ही संवाद कर चुके हैं और अब जनता के बीच जाकर अपने उम्मीदवारों की जिताने के लिए जी जान से लगे हैं. वहीं विपक्षी खेमे की ओर से अभी तक किसी भी दल का कोई मुखिया मैदान में नहीं उतरा है. सपा की बात करें तो अखिलेश यादव से लेकर प्रो. रामगोपाल यादव, किरनमय नंदा, इंद्रजीत सरोज, रामगोविंद चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल का नाम स्टार प्रचारकों में हैं. लेकिन सबकी निगाहें अखिलेश यादव पर लगी हैं और उपचुनाव के किसी मंच पर अखिलेश यादव कहीं नजर नहीं आ रहे हैं, तो क्या ऐसे ही आएगी 2022 में बाइसकिल ?
कांग्रेस कार्यकर्ता देख रहे ‘दिल्ली’
कांग्रेस ने भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ 30 लोगों की लिस्ट निकाली थी. लेकिन कांग्रेस का कार्यकर्ता, अभी दिल्ली की ओर टकटकी लगाए देख रहा है कि, कब ‘दीदी’ और ‘भैया’ का कारवां यूपी की ओर आए लेकिन अभी तक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की रैली-रोड शो का कोई कार्यक्रम तय ही नहीं हुआ है।
पहली बार लड़ रही बसपा, लेकिन ‘बहन जी’ नदारद
बसपा में तो बहन जी ही सबसे बड़ा चेहरा है, लेकिन पहली बार उपचुनाव लड़ रही बसपा के खेमे में भी खुशी की कोई खुमारी नहीं है. गजब बात ये कि, बहन जी कल से बिहार में तो प्रचार करेंगी, लेकिन उत्तर प्रदेश में कहीं भी जमीन पर नहीं उतरेंगी।
2022 में कैसे बनाएंगे सरकार?
यानि, 2020 की बिसात पर 2022 का सेमीफाइनल माना जा रहा है ये उपचुनाव. क्योंकि, इसके रिजल्ट से ही सभी राजनीतिक दलों की ताकत भी तौली जाएगी. लेकिन, विपक्ष के बड़े नेता अभी अपने आवासों से निकलने में अकुला रहे हैं. ऐसे में सवाल ये है कि, जब जमीन पर ही नहीं आएंगे, तो कैसे 2022 में सरकार बनाएंगे ?
