अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर होगा ये बड़ा फैसला…

अपना अलीगढ़ होमपेज स्लाइडर

नई दिल्ली: कभी आरक्षण तो कभी यूनिवर्सिटी के मुस्लिम शब्द पर मचे सियासी संग्राम के बीच अब अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय (AMU) के अल्पसंख्यक संस्थान वाले दर्जे का मामला अब एक बार फिर अदालत के आंगन में जा खड़ा हुआ है.

5 जजों की पीठ करेंगी इस पर विचार
पांच जजों की संविधान पीठ इस समले पर विचार करेगी कि, शिक्षा संस्थान के अल्पसंख्यक दर्जे के क्या मानक होने चाहिए. किस आधार पर कोई संस्थान संबंधित वर्ग के लिए होना चाहिए.

यह भी पढ़ें  : जिन हाथों में होनी चाहिए थी किताबें, उनमें थमा दी गई बोझ वाली कुर्सियां

7 जजों की पीठ क्यों?
दरअसल, ये मामला पहले तीन जजों की पीठ के समझ गया था जिस पर मुख्य न्यायधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को यह मामला सात सदस्यीय न्यायधीशों की पीठ को भेज दिया है. क्योंकि, 1967 में इस मुद्दे पर 5 सदस्यीय पीठ पहले ही एक बार सुनवाई कर चुकी है.

क्या था मामला?
दरअसल, साल 1967 में अजीज बाशा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक संस्थान नहीं माना जा सकता क्योंकि, इसकी स्थापना संसद में कानून बनाकर की गई है. इस फैसले के बाद 1981 में केंद्र सरकार ने एएमयू एक्ट में संशोधन करके उसे अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा दे दिया था. सरकार के फैसले को साल 2006 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था. इलाहाबाद हाईकोर्ट के इसी फैसले को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और अन्य लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है. इस पर मोदी सरकार ने भी केंद्र की ओर से दायर अल्पसंख्यक दर्जे वाली अपील को वापस लेने के लिए 2016 में हलफनामा दायर किया था. वही अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय के वकील ने शीर्ष अदालत के पुराने फैसले का विरोध किया है, साथ ही अपील की है कि, अदालत तय करें कि, एक अल्पसंख्यक संस्थान के लिए क्या मानक होने चाहिए.

इस जिले में मिले राम नाम के पत्थर, दर्शन के लिए उमड़े भक्त

इससे पहले भी उठी ये मांगे
एएमयू के अल्पसंख्यक दर्जे
और उनमें दलितों को आरक्षण का मुद्दा भी सियासी गलियारों में खूब उछलता रहा है. एससी-एसटी आय़ोग के अध्यक्ष कठेरिया ने एएमयू और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से सवाल पूछा था कि, एएमयू में दलितों के लिए आरक्षणकी व्यवस्था क्यों नहीं हैं.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *