बुलंदशहर : बीते साल बुलंदशहर के स्याना में हुई हिंसा मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद नया मोड़ सामने आया है, मामले में अब सभी अभियुक्तों के उपर चलने वाला देशद्रोह का मुकदमा हटा लिया गया है. बुलंदशहर हिंसा मामले में अभियुक्तों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा नहीं चलेगा, इस मामले में चार्जशीट दायर होने के बाद यूपी की अदालत ने अभियुक्तों के खिलाफ यह आरोप हटा दिया है, अदालत ने सभी 38 आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 124ए के (देशद्रोह) तहत लगे आरोप हटा दिए हैं.
38 लोगों के खिलाफ दायर हुई थी चार्जशीट
बता दें कि बीते साल 3 दिसंबर को चिंगरावठी में हुई हिंसा के मामले में 38 लोगों के खिलाफ बीते शनिवार को चार्जशीट दायर की गई थी, जिसमें बजरंग दल के स्थानीय संयोजक योगेश राज और बीजेपी युवा इकाई के नेता शिखर अग्रवाल का नाम भी शामिल है. सभी आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा भी दर्ज था, मगर बताया जा रहा जा रहा है कि सभी आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह का आरोप वापस ले लिया गया है.
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हुई थी इंस्पेक्टर की हत्या
स्याना में 3 दिसंबर, 2018 को हिंसा हुई थी, हिंसा गांव में कथित तौर पर गोवंश के कुछ अवशेष मिलने के बाद भड़की थी, जिसमें पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और 20 साल के एक प्रदर्शनकारी युवक सुमित कुमार की जान चली गई थी. पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है, जिसमें प्रशांत नट, जॉनी, डेविड, लोकेंद्र और राहुल शामिल हैं. प्रशांत नट को 27 दिसंबर, 2018 को गिरफ्तार किया गया था, जिस पर पुलिस इंस्पेक्टर पर पहले कुल्हाड़ी से हमला करने और फिर उन्हें गोली मारने का आरोप है.
