लखनऊ/देवरिया : जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए 40 जवानों में उत्तर प्रदेश के 12 सपूत शामिल हैं. इन शहीदों में एक शख्स देवरिया जिले के विजय मौर्या भी हैं. विजय सीआरपीएफ में कांस्टेबल के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे. छुट्टियां खत्म होने के बाद विजय 9 फरवरी को ड्यूटी के लिए घर से रवाना हुए थे. परिजनों के मुताबिक, विजय भी सीआरपीएफ की उसी बस में सवार थे, जिसे आतंकी हमले में निशाना बनाया गया था.
विजय की शहादत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है. शोक के माहौल में भी सभी का सिर फर्क से ऊंचा है. सभी को विजय की शहादत पर नाज है. गांव वाले बेशक विजय की शहादत पर गर्व महसूस कर रहे हैं, लेकिन उनकी पत्नी लक्ष्मी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शहीद की पत्नी ने कहा कि सरकार हो या नेता, सब स्वार्थी हैं.
कुछ दिनों के बाद सब साध लेते हैं चुप्पी
पत्नी ने कहा कि सभी लोग पाकिस्तान को सजा देने की बात करते हैं लेकिन कुछ दिनों के बाद सभी चुप हो जाते हैं. लेकिन इस जख्म के साथ उनको जिन्दगी भर दर्द सहना पड़ता है. वहीं, शहीद के पिता का कहना है कि खून का बदला खून से लेना चाहिए, सरकार को पाकिस्तान का नामो निशान खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम उठाना चाहिए.
10 साल पहले सेना में हुए थे शामिल
विजय की परिजनों की मानें तो उन्होंने 10 साल पहले यानि की 2009 में सीआरपीएफ को ज्वाइंन किया था. वे जम्मू में सीआरपीएफ की 92 वीं बटालियन में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे.
