बड़ा खुलासा- 2005 में हो सकती थी नरेन्द्र मोदी की हत्या !

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नई दिल्ली– देश के चर्चित एनकाउंटर्स में से एक सोहराबुद्दीन एनकाउंटर में नया खुलासा सामने आया है, ये खुसाला किसी और ने नहीं बल्कि केस के मुख्य आरोपी और रिटायर्ड पुलिस अधिकारी डीजी वंजारा ने किया है, बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने 21 दिसंबर को सोहराबुद्दीन शेख, उसकी पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसी प्रजापति के कथित एनकाउंटर मामले में सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया है, स्पेशल सीबीआई जज ने अपने आदेश में कहा कि सबूत हत्या साबित करने के लिए काफी नहीं है इसलिए आरोपियों को रिहा किया जाता है, आरोपियों   की रिहाई के बाद मुख्य आरोपी डीजी वंजारा ने बयान दिया है.

तो नरेन्द्र मोदी की हत्या हो सकती थी

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर के मुख्य आरोपी डीजी वंजारा ने कहा है कि उस वक्त अगर गुजरात एटीएस सोहराबुद्दीन का एनकाउंटर नहीं करती तो वह नरेन्द्र मोदी की हत्या कर सकता था, डीजी वंजारा ने गुजरात में कहा कि ’अगर गुजरात एटीएस ने सोहराबुद्दीन शेख को नहीं मारा होता तो वह 2005 में गुजरात मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या कर देता’ .

एनकाउंटर सही था – डीजी वंजारा

रिटायर्ड पुलिस अधिकारी और मुख्य आरोपी डीजी वंजारा ने कहा कि ‘ आज यह साबित हो गया की मैं और मेरी टीम सही थी, हम सच के साथ खडे थे’. इससे पहले सितंबर में बॉम्बे हाईकोर्ट ने देश के चर्चित एनकाउंटर में निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए पूर्व एटीएस प्रमुख डीजी वंजारा समेत सभी पुलिसकर्मियों को आरोपों से बरी कर दिया था

राजनीतिक कारणों से बर्बाद हुए 9 साल- डीजी वंजारा

इस दौरान डीजी वंजारा ने ये भी कहा कि….कुछ राजनीतिक कारणों से मैंने 9 साल जेल में बिताए, लेकिन सच सबके सामने आ गया है, बता दें कि इस एनकाउंटर के मामले में…सीबीआई कोर्ट ने गुजरात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, अभय चूड़ास्ना, पीसी पांडे, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाब चंद कटारिया, गुजरात के पूर्व गृहमंत्री और अब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को भी बरी कर दिया है

 

 

 

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