बुलंदशहर: जिला पुलिस का एक नोटिस इस समय सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें किसी का नाम लिए बिना कहा गया है कि अगर प्रवासी मजदूरों को खाने-पीने की चीजें दीं तो महामारी अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा किया जाएगा. हालांकि पुलिस ने इस मामले में स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि यह नोटिस बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक गुड्डू पंडित) को दिया गया है जो फोटो खिंचवाने के लिए खाना बनवाते हैं. इस मामले में गुड्डू पंडित ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि बुलंदशहर की पुलिस भारतीय जनता पार्टी विधायक की तो थाने में सभा करवाती है लेकन उन्हें मजदूरों को खाना खिलाने पर नोटिस देती है.
क्या है मामला ?
दरअसल, BSP के पूर्व विधायक का घर उस सड़क पर है जहां से बड़े पैमाने पर प्रवासी मजदूर गुजरते हैं. पूर्व विधायक इन मजदूरों को खाने-पीने का सामान बांटते हैं और बाद में सामना बांटने का फोटो फेसबुक पर शेयर किया जाता है. इसी से खफा होकर पुलिस ने पंडित के घर पर नोटिस चस्पा किया है, जिसमें कहा गया है-अकसर देखने में आया है कि आप पैदल जा रहे प्रवासी मजदूरों को अपने आवास के सामने रोक लेते हैं…ऐसी खुफिया जानकारी मिली है कि आपके जरिये रास्ते में मजदूरों को अपने आवास पर खाने-पीने का लालच देकर बुलाया जाता है. आप सचेत हों, भविष्य में आपके द्वारा कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन करने पर महामारी अधिनियम में आपके खिलाफ कार्रवाई होगी.
क्या है पुलिस का पक्ष
मामले में एसएसपी बुलंदशहर संतोष कुमार ने कहा, ‘जो लोग सेवा के लिए मजदूरों को खाना बनाते रहे हैं, पुलिस उनकी मदद कर रही है लेकिन पूर्व विधायक यह सब पब्लिसिटी के लिए करते हैं और दूसरा इससे सोशल डिस्टेंसिंग के नियम टूटते हैं. लोग एक-दूसरे से सट जाते हैं, फोटो खिंचवाने का प्रयास किया जाता है. यह प्रचार पाने की कोशिश थी न कि जनसेवा. इनका जो मकसद भोजन-पानी न होकर लोगों को इकट्ठा कर फोटो खिंचवाना था, उसमें लोग बिल्कुल सटे हुए एक-दूसरे के साथ दिखाई दे रहे थे.
पुलिस पर लगाया आऱोप
पुलिस के नोटिस के जवाब में गुड्डू पंडित मीडिया को ये वीडिया दिखा रहे हैं. उनका आरोप है कि उन्हें मजदूरों को खिलाने पर नोटिस देने वाली पुलिस बीजेपी के एमएलए के लिए थाने में व्यापारियों के साथ सभा करवाने के लिए कुर्सियां बिछाती हैं. थाने के अंदर वे खुद सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हैं. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या उस बहन-बेटी जो गर्भवती है, अपने घर से भगा दूं. यह अगर गुनाह है तो मैं यह गुनाह बार-बार करूंगा.
