लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिसिया महकमें में एक बार फिर, कमिश्नरी सिस्टम का शोर बड़े जोर से सुनाई दे रहा है. और इस बार कमिश्नरी राज की आवाज राजभवन के गलियारों से गूंजी है.
राज्यपाल ने लिखी सरकार को चिट्ठी
राज्यपाल राम नाइक ने यूपी में कमिश्नरी सिस्सटम के लिए योगी सरकार को चिट्ठी लिखी है. महाराष्ट्र का हवाला देते हुए महामहिम ने सरकार से इस सिस्टम पर विचार करने को कहा है. राज्यपाल ने कहा है कि, महाराष्ट्र तो यूपी से भी आधा है और वहां पर ये सिस्टम अच्छे परिणाम दे रहा है. इधर महामहिम की चिट्ठी के बाद सीएम के प्रमुख सचिव ने पत्र को प्रमुख सचिव गृह को भेजा है.
पुलिस वीक में उठी थी मांग
दरअसल, पुलिस वीक के दौरान IPS एसोसिएशन ने फिर से ये मांग उठाई थी. इससे पहले भी यूपी में कमिश्नरी सिस्टम की मांग उठी थी. अखिलेश यादव सरकार के समय इस मामले की कवायद की गई थी लेकिन मामला फाइलों से आगे नहीं बढ़ पाया था.
कमिश्नरी सिस्टम पर पुलिस पर क्या है पक्ष?
उत्तर प्रदेश में कमिश्नरी सिस्टम लागू करने के लिए पुलिस के बड़े अधिकारियों की दलील है कि, वैसे तो पुलिस के कंधे पर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी होती है लेकिन, फैसलों के वक्त पुलिस के हाथ पीछे बंधे रहते हैं, अगर इस दिशा में कदम उठाए गए तो कानून व्यवस्था यकीनन बेहतर होगी. पुलिस सही समय पर सही फैसला ले पाएगी
क्या होता है कमिश्नरी सिस्टम?
1- 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरो में कमिश्नर की नियुक्ति होती है
2- इस लिहाज से नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ बरेली,आगरा,लखनऊ, कानपुर,वाराणसी, इलाहाबाद,झांसी और गोरखपुर में आज ही ये सिस्टम लागू हो सकता है
3- जिला स्तर पर निगरानी के लिए और अधिक सक्षम तंत्र होगा
4- जांच और पुलिस के विरुद्ध शिकायतों के लिए DCP और IPS अधिकारी उपलब्ध होंगे
5- प्रभावी अपराध नियंत्रण जिसमें 107/116 गुंडा एक्ट,गैंगस्टर,पीड़ित पक्ष को शस्त्र लाइसेंस जैसे अधिकार
6- छोटे-छोटे कार्यक्षेत्र में बड़े स्तर के अधिकारी निगरानी के लिए उपलब्ध होंगे
7- जिले में नेताओं व जनता को अधिक IPS सीनियर अधिकारी मौजूद होंगे
8- ACP/DCP के पास मजिस्ट्रेट को अधिक प्रभावी कानून व्यवस्था मौके पर तत्काल निर्णय कर सकेंगे
9- साइबर क्राइम, हैकिंग,SWAT,कंट्रोमरुम क्राइम यूनिट,महिला सुरक्षा आदि के लिए अधिक विशेषज्ञ अधिकारी उपलब्ध होंगे
10- बार,मॉल्स, रेस्टोरेंट, सिनेमाहॉल को लाइसेंस और कमर्शियल गतिविधियों का प्रभावी नियमन और क्रियानवन
11- धारा 144 के जरिए मेला-प्रदर्शन आदि को बेहतर प्रबंधन
12- सिविल मुकदमों के लिए धारा 133 और 145 का प्रभावी उपयोग
13- निचले स्तर तक वित्तीय अधिकार होने और ACP स्तर पर मजिस्ट्रेट अधिक होने के चलते पुलिस थानों का प्रभावी संचालन
IAS- IPS में अधिकारों की लड़ाई
उत्तर प्रदेश के IAS- IPS में अधिकारों की लड़ाई है. बीते दिनों भी मीटिंग और ट्रांसफर पोस्टिग के आदेश पर, IAS बनाम IPS के अधिकारों का बवाल मचा था. आईपीएस खेमे के एक बड़े अधिकारी लेटर लिखकर कहा था कि, ये हमारे अधिकारों में दखलअंदाजी है.तब IAS लॉबी ने जिलाधिकारी को जिले का सबसे बड़ा अधिकारी बताकर अपना विरोध दर्ज कराया था. अब एक बार फिर कमिश्नरी सिस्टम के जरिए कानून व्यवस्था की कमान पुलिस के हाथ में देने की मांग सुनाई दे रही है. लेकिन सवाल ये है कि, क्या लागू हो पाएगा पुलिस में कमिश्नरी राज.
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