नई दिल्ली: अयोध्या विवाद के पन्नों में एक और तारीख जुड़ तब जुड़ गई जब इस मसले का मध्यस्थता से हल का रास्त बंद हो गया. देश की सबसे बड़ी अदालत ने अयोध्या विवाद को लेकर जो एक मध्यस्थता कमेटी बनाई थी उसने अपनी सीलबंद रिपोर्ट अदालत को सौंप दी है. जिसमें खबर ये है कि, दोनों पक्षकारों के रुख में कोई बदलाव नहीं है. मध्यस्था की कोशिशें पेल होने के बाद मुख्य न्याधीश ने कहा कि, हमें रिपोर्ट मिल गई है और अब 6 अगस्त से इस मुद्दे पर नियमित सुनवाई होगी. और ये सुनवाई तब तक चलेगी जब तक कोई हल नहीं निकलेगा.
8 मार्च को बनी थी कमेटी
सुप्रीम कोर्ट ने सालों से चले आ रहे इस विवाद को सुलझाने के लिए 8 मार्च को एक कमेटी बनाई थी. इस कमेटी में रिटायर न्याधीश एफएमई कलीफुल्ला, आध्यात्मिक गुरू श्री-श्री रविशंकर, वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचू सदस्य बनाए गए थे. कोर्ट ने पहले तो 8 सप्ताह का समय दिया था लेकिन बाद में इसे 15 अगस्त तक बढ़ा दिया था. बीते जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर प्रगति रिपोर्ट भी मांगी थी.
क्या है मामला
दरअसल, साल 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवादित जगह को तीन हिस्सों में बांट दिया था. तब सभी पक्षों ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.
