हवा कुछ ऐसी चली है बिखर गए होते
रगों में खून न होता तो मर गए होते
महाराष्ट्र/प्रतापगढ़: युवा दिलों की धड़कन का नाम है इमरान प्रतापगढ़ी. गरीब-मजलूमों की आवाज को मंच से उठाने का नाम है इमरान प्रतापगढ़ी. देश दुनिया में अपनी शायरी से समाज, सियासत और सिस्टम को जगाने का नाम है इमरान प्रतापगढ़ी. और इमरान प्रतापगढ़ी का यहीं अंदाज उन्हें बाकी शायरों से अलग पहचान दिलाता है.
‘मराठवाडा रत्न’ अवार्ड
शायरी में प्रतिरोध की आवाज उठाने वाले इमरान प्रतापगढ़ी ने एक बार फिर प्रदेश का नाम रौशन किया है. इमरान प्रतापगढ़ी को महाराष्ट्र में मराठावाडा रत्न से सम्मानित किया गया है. उन्हें ये सम्मान मराठावाड़ा की राजधानी कहे जाने वाले औरंगाबाद में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार की सांसद बेटी सुप्रिया सुले के हाथों प्रदान किया गया.
सुप्रिया सुले ने की इमरान की तारीफ
सुप्रिया सुले ना कहा कि, इस युवा शायर ने अपनी रचनाओं से न सिर्फ साहित्य को बढ़ाया दिया है बल्कि अपनी कविता को प्रतिरोध की आवाज बना दिया है. जिससे मॉब लिंचिंग का शिकार हुए पीड़ित परिवारों का दर्द है. जिसमें दिल्ली में गायब हुए छात्र नजीब का दुख है.जिसमें जिसमें वसुधैव कुटुम्बकम की भावना है. जिसमें सरकार की आंख से आंख मिलाकर सच कहने की हिम्मत हैं. ऐसे युवा रचनाकार को सम्मानित करते हुए मैं स्वयं गौरवांवित हूं.
इमरान ने कहा कमजोर नहीं पड़ने दूंगा आवाज

इस सम्मान के बाद इमरान प्रतापगढ़ी ने देश दुनिया को भरोसा दिलाया कि, ‘मज़लूमों, बेबसों की आवाज़ बनने के लिये आपने जो सम्मान दिया है, यक़ीन दिलाता हूँ कि आख़िरी सांस तक इस आवाज़ को कमज़ोर नहीं पडने दूँगा’
सबसे कम उम्र में मिला था ‘यश भारती’
दरअसल, इमरान प्रतापगढ़ी इससे पहले भी कई बड़े सम्मान पा चुके हैं. सोशल मीडिया पर डहां उनके लाखों फॉलोवर हैं वहीं देश विदेश में भी उनके लाखों चाहने वाले हैं इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि, आज उनके शायरी को सुनने और उनकी एक झलक के लिए लोगों का हुजुम उमड़ पड़ता है. सत्ता विरोधी शायरकी की वजह से इमरान प्रतापगढ़ी को और ज्यादा पसंद किया जाता है. उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा सम्मान यश भारती पाने वाले इमरान प्रतापगढ़ी सबसे कम उम्र में ये उपलब्धि हासिल करने वाली शख्सियत रहे हैं. इतना ही नहीं इमरान प्रतापढ़ी शहीद की मां के ऑपरेशन का खर्च और नजीब-पहलू खान के परिवार के दर्द में शरीक भी रहे हैं उनके साथ रहे हैं.
