नई दिल्ली : बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा के नाम पर मुहर लगाई गई, पार्टी ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है, सोमवार को बीजेपी संसदीय बोर्ड की हुई बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में नड्डा के नाम पर सहमति बनी. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में स्वास्थ्य मंत्री रहे नड्डा को इस बार सरकार में शामिल नहीं किया गया था. इसके बाद से ही माना जा रहा था कि पार्टी में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है
छात्र राजनीति में प्रवेश
हिमाचल के बिलासपुर जिले के रहने वाले जेपी नड्डा का जन्म 2 दिसंबर, 1960 को बिहार के पटना में हुआ. उनके पिता पटना यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर थे. जेपी आंदोलन से प्रभावित होकर नड्डा ने छात्र राजनीति में प्रवेश किया. जेपी नड्डा ने 16 साल की उम्र में इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. बाद में वह छात्र राजनीति में सक्रिय हुए और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ जुड़ गए. साल 1977 में पटना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में वह सचिव चुने गए और फिर 13 साल तक विद्यार्थी परिषद में सक्रिय रहे.
भाजयुमो में भी अच्छा काम किया
नड्डा 1977 से लेकर 1990 तक एबीवीपी में करीब 13 साल तक विभिन्न पदों पर रहे. 1989 में भ्रष्टाचार के खिलाफ नड्डा ने राष्ट्रीय संघर्ष मोर्चा का गठन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला. इस दौरान उन्हें 45 दिन तक जेल में भी रहना पड़ा. 1989 के लोकसभा चुनाव में नड्डा को भाजपा ने युवा मोर्चा का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया. युवा मोर्चा युवा कार्यकर्ताओं को चुनकर चुनाव लड़ने के लिए आगे लाता था. 1991 में 31 साल की उम्र में नड्डा भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष बनाए गए.
ऐसे रखा राजनीति में कदम
साल 1993 में हिमाचल में विधानसभा चुनाव हुए. यहीं से नड्डा की राजनीति में एंट्री हुई. वह बिलासपुर के विधायक के रूप में पहली बार विधानसभा पहुंचे. चुनाव में भाजपा के प्रमुख नेताओं की हार के कारण उन्हें विधानसभा में नेता विपक्ष चुना गया. 1993 से 1998, 1998 से 2003 और 2007 से 2012 तक बिलासपुर सदर से नड्डा विधायक चुने गए. 1998 से 2003 तक वह हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री रहे. 2008 से 2010 तक धूमल सरकार में उन्हें वन एवं पर्यावरण, विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री का जिम्मा भी सौंपा गया. अप्रैल 2012 में उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया और कई संसदीय कमिटियों में जगह दी गई. वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी की टीम में राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता रहे.
मोदी- शाह के करीबी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के साथ जेपी नड्डा के रिश्ते काफी अच्छे रहे हैं. मोदी जब हिमाचल के प्रभारी थे, तब से दोनों के बीच समीकरण काफी अच्छा है. दोनों अशोक रोड स्थित भाजपा मुख्यालय में बने आउट हाउस में रहते थे.
लोकसभा चुनाव में यूपी प्रभारी थे नड्डा
लोकसभा चुनाव 2019 में जेपी नड्डा को उत्तर प्रदेश का प्रभार सौंपा गया. उनके नेतृत्व में भाजपा ने यूपी में 62 सीटें जीतीं और मोदी को दोबारा पीएम बनाने में अहम भूमिका निभाई. हालांकि, यूपी में बीते लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार भाजपा को कम सीटें मिली हैं, लेकिन इस बार सियासी समीकरण 2014 लोकसभा चुनाव से बिल्कुल अलग थे.
