बुआ-बबुआ बदलने निकलेंगे इतिहास, मुलायम सिंह के लिए वोट मांगेगी मायावती, ये है पूरा प्लान…

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लखनऊ: सपा और बसपा के गठबंधन में संयुक्त रैलियों को लेकर जो कयास लगाए जा रहे थे उन कयासों पर पर संदेह के बादल पूरी तरह साफ हो चुके हैं. मायावती और अखिलेश यादव एक साथ पूरे प्रदेश में रैलियां करेंगे और एक साथ मंच भी शेयर करेंगे, ‘अपना उत्तर प्रदेश’ आपको गठबंधन की संयुक्त सभाओं का पूरा लेखा-जोखा बता रहा है।

देवबंद में से शुरु करेंगे अखिलेश यादव और मायावती यूपी में अपना प्रचार. देवबंद में गठबंधन की सबसे पहली रैली 7 अप्रैल को होगी.

गठबंधन की दूसरी संयुक्त रैली बदायूं लोकसभा क्षेत्र में होगी सपा ने यहां से धर्मेंद्र यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है. यानि धर्मेंद्र यादव गठबंधन के प्रत्याशी हैं और मायावती भी उनके लिए वोट मांगेंगी.

तीसरी संयुक्त सभा में गठबंधन की ताकत 16 अप्रैल को ताजनगरी आगरा में दिखाई जाएगी.

गठबंधन की चौथी चुनावी संयुक्त जनसभा मुलायम सिंह के लोकसभा क्षेत्र मैनपुरी में होगी. इस रैली पर सबकी नजर रहेगी. क्योंकि, करीब 25 साल पुरानी सियासी दुश्मनी को भुलाकर सपा-बसपा दोस्त बने हैं. मुलायम सिंह और मायावती के तल्ख रिश्ते जगजाहिर रहे हैं. लेकिन 19 अप्रैल को मायावती गठबंधन की रैली में मुलायम सिंह के लिए वोट मांगती दिखेंगी. जो नया इतिहास होगा.

गठबंधन की पांचवी और छठवीं संयुक्त रैली फिरोजाबाद और आजम खान के लोकसभा चुनाव क्षेत्र रामपुर में होगी.

 

अखिलेश यादव और मायावती अपनी सातवीं संयुक्त रैली में डिंपल यादव के लोकसभा चुनाव क्षेत्र कन्नौज में एक मंच पर होंगे.

गठबंधन की आठवी संयुक्त रैली का मंच 1 मई को फैजाबाद में सजेगा.

9वीं संयुक्त रैली 8 मई को आजमगढ़ में होगी. बता ें कि, आजमगढ़ से खुद सपा मुखिया अखिलेश यादव मैदान में हैं.

अखिलेश यादव और मायावती अपनी 10वीं रैली में गोरखपुर में दम दिखाएंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में सपा-बसपा का गठबंधन उपचुनाव में भी जीत का परचम फहरा चुका है. सपा बसपा गठबंधन की ये इस चुनाव की आखिरी संयुक्त रैली होगी.

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