अलीगढ़ : लॉकडाउन के दौरान कई अजीबो-गरीब वाकया सामने आ रहे हैं. ऐसा ही एक वाकया बुधवार को सासनी गेट के बिहारी नगर में हुआ. यहां के एक युवक-युवती ने शादी तो की लेकिन लॉकडाउन का पालन करते हुए रिश्तेदारों को नहीं बुलाया. शादी में दोनों पक्ष से सिर्फ पांच लोग शामिल हुए. सबसे अच्छी बात यह है कि नव दंपती ने अपनी शादी की दावत अब रिश्तेदारों को देने के बजाय गरीबों को देने का प्रण लिया है. इसके साथ ही इन्होंने फेरे लेने के दौरान भी मास्क पहना और अपने परिवार के सदस्यों को भी मास्क पहनाया.
3 साल से था प्रेम प्रसंग
एक निजी कंपनी में काम करने वाले अंकित वशिष्ठ पुत्र स्व: बृजेश चंद्र शर्मा और मां का नाम ऊषा शर्मा निवासी बिहारी नगर, सासनी गेट ने बताया कि उनका पास में ही रहने वाली मोहिनी शर्मा पुत्री नेत्रपाल शर्मा के साथ तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था. लड़की की मां का नाम अनीता शर्मा है. दोनों ने परिवार वालों को जैसे-तैसे शादी के लिए राजी किया. आठ अप्रैल की शादी प्रस्तावित थी.
शादी टालने का था विचार
सभी तैयारियां पहले से ही पूरी कर बैंड से लेकर मैरिज होम व रिश्तेदारों को न्योता तक दे दिया था. मगर, 23 मार्च को अचानक से कोरोना के चलते लॉक डाउन घोषित हो गया. पहले तो परिवार वाले शादी को टालने पर विचार करने लगे. मगर, मन में विचार आया कि क्यों न मंदिर में सिर्फ परिवार के मुख्य सदस्यों के सामने शादी कर और दावत रिश्तेदारों के बयाज लॉकडाउन के दौरान रोजी रोजगार छोड़कर घर बैठे गरीबों को खिलाई जाए. इस पर प्रेमिका मोहिनी शर्मा ने भी हामी भर दी. दोनों परिवारों में सहमति होने पर शादी आर्य समाज मंदिर, अचल ताल में संपन्न की.
