मायावती के 4 दिन में 3 फैसले, उत्तराधिकारी पर फिर नया आदेश, आकाश आनंद नहीं…

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Lucknow/Delhi: बहुजन समाज पार्टी (BSP ) की मुखिया मायावती (Mayawati) लगातार एक्शन मोड में दिखाई दे रही हैं. लेकिन बीते 4 दिन में उनके लिए गए 3 फैसलों ने सियासी गलियारों में भी चर्चाओं की चाल तेज कर दी है. कि, क्या मायावती पार्टी और भविष्य को लेकर किसी असमंजस में हैं, एक सवाल ये भी शोर करने लगा है कि, क्या मायावती खुद अपने भतीजे आकाश आनंद (Akash Anand ) पर ही भरोसा नहीं कर पा रही हैं?

अब आकाश आनंद उत्तराधिकारी नहीं

दरअसल, मायावती (Mayawati) ने अपने नए ट्वीट और प्रेस रिलीज में एक बार फिर अपने उत्तराधिकारी को लेकर बड़ा फैसला किया है. अब तक तो यही माना जा रहा था कि बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद (Akash Anand ) ही उनके उत्तराधिकारी होंगे. हालांकि, इससे पहले मायावती (Mayawati) ने आकाश को अपरिपक्व बताकर उत्तराधिकारी और बाकी पदों से हटा दिया था. लेकिन बाद में फिर बहाल कर दिया. अब एक बार फिर मायावती ने कहा है कि,

‘मान्यवर कांशीराम की तरह ही मेरे जीतेजी भी पार्टी और मूवमेन्ट का कोई भी वास्तविक उत्तराधिकारी तभी जब वह भी, कांशीराम के अन्तिम सांस तक उनकी शिष्या की तरह, पार्टी व मूवमेन्ट को हर दुःख-तकलीफ उठाकर, उसे आगे बढ़ाने में पूरे जी-जान से लगातार लगा रहे’

Mayawati Tweet

यानि मायावती (Mayawati) ने यहां आकाश आनंद को उत्तराधिकारी नहीं बताया है, और तो और भविष्य को लेकर भी साफ कर दिया कि, जो मेरी तरह ( यानि जैसे मैने कांशीराम की सेवा की ) पार्टी की सेवा करेगा वो उत्तराधिकारी होगा.

आकाश आनंद के ससुर को पार्टी से निकाला

आकाश आनंद के पर कतरने के साथ ही मायावती ने एक और अहम फैसला लिया है. मायावती (Mayawati)  ने अपने भतीजे आकाश आनंद  (Akash Anand ) के ससुर डॉ. अशोक सिद्धार्थ ( Ashok Sidharth ) को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. और उन पर पार्टी में गुटबाजी का आरोप लगाया है. अशोक सिद्धार्थ के साथ ही उनके एक करीबी नितिन सिंह को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है. आकाश के ससुर होने से पहले अशोक सिद्धार्थ के बारे में कहा जाता है कि, वो मायावती (Mayawati) की राजनीति से प्रभावित हुए और नौकरी छोड़ दी फिर बसपा में शामिल हो गए. बसपा ने उन्हें यूपी विधान परिषद् में भेजा और फिर वो साल 2022 तक राज्यसभा सांसद भी रहे. उनकी पत्नी भी बसपा सरकार में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रही थीं ।

आकाश आनंद मौन…

आकाश आनंद अक्सर मायावती (Mayawati) के सोशल मीडिया पोस्ट और प्रेस रीलिज पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर देते थे. लेकिन मायावती के इस एक्शन के बाद आकाश आनंद (Akash Anand ) खेमा चुप्पी साधे हुए हैं ।

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