दिल्ली: अब इसे 2024 के चुनाव से पहले क दांव कहें या दबाव जो भी है. बेरोजगारी की मार, रोजगार की दरकार और इधर मिशन मोड में मोदी सरकार और प्लान ये कि, अगले 18 महीने में 10 लाख नौकरियों की बहार. दरअसल, सरकारी नौकरी की आस में निराश हुए युवाओं के लिए मोदी सरकार ने बड़ी संख्या में भर्तियां करने को हरी झंडी दिखाई है।
18 महीने में 10 लाख नौकरियां
दरअसल, प्रधानमंत्री ऑफिस की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि, “प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने सभी सरकारी विभागों एवं मंत्रालयों में मानव संसाधन की स्थिति की समीक्षा की और सरकार द्वारा मिशन मोड में अगले डेढ़ साल में 10 लाख लोगों की भर्ती करने का निर्देश दिया है.” 10 लाख नौकरियां देने का ये टारगेट दिसंबर, 2023 रखा गया है.कांग्रेस ने सरकार के इस कदम पर सवाल उटाते हुए कहा है कि, क्या हुआ 2 करोड़ वाला वादा।
सेना में 4 साल की ‘अग्निपथ’
बेरोजगारों की बढ़ती फौज के बीच, सरकार ने सेना में भी अग्निपथ भर्ती नाम के अभियान का ऐलान किया है. तीनों सेना प्रमुखों के साथ इस अभियान का प्लान बताते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निपथ योजना के बारे में बताया।
अग्निपथ स्कीम…
6 महीने की ट्रेनिंग साढ़े तीन साल की सर्विस वाली 4 साल की इस नौकरी
साढ़े 17 साल से लेकर 21 साल तक के युवाओं को मौका मिलेगा
बाकी योग्यताएं वही सब रहेंगी
30 हजार रुपए शुरुआती वेतन होगा
4 साल की नौकरी होने तक 40 हजार हो जाएगा
वेतन के साथ भत्ते भी मिलेंगे
रिटायरमेंट पर 10 लाख की टैक्स फ्री राशि दी जाएगी
बेहतर भविष्य का सर्टिफिकेट भी मिलेगा
अग्निवीर के नाम से जाने जाएंगे अग्निपथ भर्ती के सैनिक
ओवैसी ने कहा चुनावी स्टंट
मिशन मोड में आई सरकार ने जहां भर्तियों का ऐलान किया है. वहीं विपक्ष इस मोड के मुहुर्त पर सवाल उठा रहा है.साल 2024 में देश में लोकसभा चुनाव होने हैं.ओवैसी की मानें तो ये चुनावी स्टंट है. 2 करोड़ नौकरी देने वाली सरकार 10 लाख पर आ गई है।
विपक्ष का काम है कहना: BJP
अब विपक्ष जहां मोदी सरकार के ऐलान और अभियान की अपने-अपने तरीके से व्याख्या कर रहा है. वहीं बीजेपी कह रही है कि, कुछ तो विपक्ष कहेगा विपक्ष का काम है कहना. हम तो युवाओं से यही कहेंगे कि, नौकरी के लिए तैयार रहना।
वरुण गांधी ने किया स्वागत, लेकिन उठाए सवाल
बहरहाल, लाखों पद खाली हैं, तो वही कई विभागों में भी अटकी-लटकी और भटकी हुई हैं तमाम भर्तियां. खुद बीजेपी नेता वरुण गांधी ने सरकार की पहल का स्वागत तो किया है लेकिन सवालों के साथ, वरुण गांधी ने सरकार से कहा है कि, वो खाली पदों को भरे।
