नई दिल्ली : रमजान महीने में लोकसभा चुनाव की तारीख पड़ने पर राजनीतिक बयानबाजी शुरु हो गई है, विपक्ष की पार्टियों और मौलानाओं ने चुनावी ताऱीख पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाएं हैं की मुस्लिम वोट कम करने के लिए जानबुझ कर रमजान महीने में चुनाव का ऐलान किया गया है
केजरीवाल की पार्टी ने दागे चुनावी तारीख पर सवाल
आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया है, ट्विट में उन्होंने लिखा है कि “चुनाव आयोग मतदान में हिस्सा लेने की अपील के नाम पर करोड़ों खर्च कर रहा है, लेकिन दूसरी तरफ 3 फेज का चुनाव पवित्र रमजान के महीने में रख कर मुस्लिम मतदाताओं की भागीदारी कम करने की योजना बना दी है. सभी धर्मों के त्योहारों का ध्यान रखो मुख्य चुनाव आयुक्त साहेब।” वहीं पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह ने भी ट्वीट करते हुए कहा कि “12 मई का दिन होगा, दिल्ली में रमजान होगा. मुसलमान वोट कम करेगा, इसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा.
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ओवैसी ने बताया गैर जरुरी विवाद
असदुद्दीन ओवैसी ने इसे गैर जरुरी विवाद कहा है, उन्होंने कहा, मैं राजनीतिक पार्टियों से अनुरोध करता हूं कि मुस्लिमों समुदाय और रमजान का इस्तेमाल न करें, भले ही आपकी कोई मजबूरी हो. मुस्लिम रमजान में रोजा जरूर रखेंगे और वे सामान्य जीवन जीते हैं, वे ऑफिस जाते हैं. यहां की गरीब से गरीब भी रमजान में रोजा रखता है. मेरा मानना है कि रमजान के पवित्र महीने में मतदान प्रतिशत बढ़ेगा, ओवैसी की इस बयान पर सोशल मीडिया पर बहुत तारीफ हो रही है, क्योंकि ओवैसी को एक कट्टरवादी धवि का मुस्लिम नेता माना जाता है, ऐसे में कहा जा रहा था की ओवैसी भी आम आदमी पार्टी के पक्ष में बोलेंगे.
चुनाव आयोग नें दी रमजान विवाद पर सफाई
वहीं आयोग ने भी इस मामले में सफाई दी ही चुनाव आयोग ने कहा है कि शुक्रवार के दिन कही भी चुनावी तारीख तय नहीं की गई है. बता दें कि रमजान के दौरान 5 राज्यों की 20 मुस्लिम बहुल सीटों पर मतदान होना है.
