नोएडा में किसी भी लड़की को लिफ्ट देने से पहले सावधान, वरना आप भी हो सकते हैं पुलिस की ठगी का शिकार

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नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में जुर्म की वारदातें थमने का नाम नीं ले रही है. पुलिस महकमे के सारे वादे एक बार फिर फेल होते हुए नजर आ रहे हैं. पुलिस वारदातों को तो रोकने में नाकामयाब रही है, लेकिन अब खाकी वर्दी पर एक ऐसा दाग लगा है, जिसको धोना योगी सरकार के लिए भी मुमकिन नहीं है. उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित सेक्टर 44 के पुलिस के चौकी इंचार्ज और तीन सिपहियों समेत 15 लोगों को झूठे रेप केस में फंसाकर राहगीरों से पैसे लूटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

इनमें पीसीआर 44 पर तैनात सिपाही और दो महिलाएं शामिल हैं. आरोप है कि ये पुलिसकर्मी गैंग बनाकर महिलाओं के हनीट्रैप के सहारे राहगीरों से रिश्वत वसूलते थे. महिलाएं सड़क पर चलते कार सवार को अपना निशाना बनाती थी. लिफ्ट के बहाने कार मालिक पर रेप का आरोप लगाती थीं. इसके बाद केस रफा-दफा करने के लिए पीसीआर 44 पर तैनात सिपाहियों की मदद से ब्लैकमेलिंग होती थी. एसएसपी वैभव कृष्ण के निर्देश पर 15 लोगों की गिरफ्तारी की गई है.

ऐसे हुआ खुलासा
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि बीती रात फरीदाबाद निवासी विनय प्रताप सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि वह अपनी कार से महामाया फ्लाईओवर के पास से गुजर रहे थे तभी एक युवती ने उन्हें रुकने का इशारा किया. युवती ने विनय को बताया कि कुछ बदमाशों ने उसका पर्स और सामान लूट लिया है तथा वह उसे पुलिस चौकी तक छोड़ दें. एसएसपी के अनुसार, विनय ने महिला को कार में लिफ्ट दी और पुलिस चौकी गए. पुलिस चौकी के पास पहुंचते ही महिला ने शोर मचाना शुरू कर दिया कि कार चालक ने उसके साथ बलात्कार किया है. शोर सुनकर वहां पहुंचे पुलिस वाले विनय को कार सहित सेक्टर 44 पुलिस चौकी पर ले गए.

उन्होंने बताया कि वहां पर कुछ अन्य लोग भी पहुंचे तथा कार चालक के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने लगे. पुलिस वालों ने विनय से कहा कि मुकदमा दर्ज किया जाएगा. बुरी तरह घबराए विनय से पुलिस कर्मियों और मोहपाश में फंसाने वाली महिलाओं ने 50 हजार रुपये में सौदा तय किया.

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