यूपी के निकाय चुनाव में OBC आरक्षण मामला: HC के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, सीएम ने किया स्वागत

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दिल्ली: यूपी के निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ द्वारा दिए गए निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। इस फैसले से योगी सरकार को राहत मिली है। हाईकोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को निरस्त करते हुए सरकार को जल्द से जल्द चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद से यह एक राजनीतिक मुद्दा बन गया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है और साथ ही दूसरे पक्ष को नोटिस जारी कर तीन हफ्तों के अंदर उनसे जवाब मांगा है. SC ने नोटिस पर 3 हफ्ते में जवाब देने को कहा,निकाय चुनाव जल्द कराने के फैसले पर रोक लगी,जनवरी में नहीं होंगे उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव,SC ने सभी याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी किया।।

CM योगी ने किया स्वागत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चतम न्यायालय के इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई समय सीमा के अंतर्गत ओबीसी आरक्षण लागू करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार निकाय चुनाव संपन्न कराने में सहयोग करेगी।

हाईकोर्ट का फैसला क्या था..

हाईकोर्ट ने अपने 70 पेज के फैसले में कहा था कि, “सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार OBC आरक्षण देने के लिए एक कमीशन बनाया जाए, तभी OBC आरक्षण दिया जाए, सरकार ट्रिपल टी फॉर्मूला अपनाए, इसमें समय लग सकता है…ऐसे में अगर सरकार और निर्वाचन आयोग चाहे तो बिना ओबीसी आरक्षण ही तुरंत चुनाव करा सकता है”

क्या था मामला?

5 दिसंबर को ही सूबे के सभी नगर निगमों के महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए अधिसूचना जारी की थी…इसमें अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और महिला सीट के लिए आरक्षण का रोस्टर जारी हुआ था…इस अधिसूचना के साथ ही आरक्षण की इस व्यवस्था पर आपत्तियों के ढेर लग गए थे…हाईकोर्ट में बीते 15 तारीख से चल रही लगातार सुनवाई के बाद अब ये फैसला आया है ।

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