हिमाचल/गुजरात: अब ये संयोग है या पॉलिटिकल प्रयोग क्योंकि, एक के बाद एक प्रदेशों की परिधि से निकलते हुए पुरानी पेंशन का मुद्दा अब गुजरात और हिमाचल की बिसात पर भी शोर कर रहा है. कांग्रेस ने सत्ता वापसी के लिए पुरानी पेंशन के हथियार को धार दी है. प्रियंका गांधी ने कहा कि, पहली कैबिनेट में ही लागू कराएंगे पुरानी पेंशन ।
प्रियंका गांधी का बयान…
“हमारी काग्रेस शासित राज्यों में पुरानी पेंशन लागू की गई है. पुरानी पेंशन कर्मचारियों का हक है. हम भरोसा दिलाते हैं कि, हमारी सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन को लागू कराया जाएगा”
हिमाचल-गुजरात में पुरानी पेंशन पर दांव
कांग्रेस पुरानी पेंशन के मुद्दे पर मुखर दिखाई दे रही है, झारखंड और छत्तीसगढ़ में लागू करने के बाद, कांग्रेस अब चुनावी राज्यों में पुरानी पेंशन के फॉर्मूले पर फोकस कर रही है. गुजरात-हिमाचल में पुरानी पेंशन का दांव बीजेपी को कितना देगा तनाव, जब ये सवाल उठा तो मुख्यमंत्री ने कह दिया कि, हम कमेटी बना चुके हैं. 2024 के चुनाव से पहल गैर बीजेपी राज्यों की सरकारें पुरानी पेंशन के मुद्दे को बखूबी रंग दे रही हैं…पंजाब सरकार ने भी पुरानी पेंशन लागू करने का ऐलान किया है…आम आदमी पार्टी भी OPS पर बीजेपी के लिए परेशानी खड़ी कर रही है…।
AAP का भी समर्थन, BJP बोली ‘ये चुनावी जुमला है’
2022 के विधानसभा चुनाव में, उत्तर प्रदेश में भले ही समाजवादी पार्टी का पुरानी पेंशन वाला ये प्रयोग सफल नहीं हो पाया था. राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी पुरानी पेंशन बाहाली को लेकर उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन के प्रोग्राम किए. तमाम जिलों में OPS बहाली की जोरदार मांग की गई. अब विपक्षी सरकारों के इस दांव पर बीजेपी की दलील है कि, ये चुनावी जुमला है. वहीं आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि, हमारी सरकार ने पंजाब में पुरानी पेंशन को लागू किया है. हम गुजरात में करेंगे ।
2024 में पुरानी पेंशन बड़ा मुद्दा
2004 में केंद्र सरकार और 2005 में यूपी सरकार ने पुरानी पेंशन पर पर्दा डालकर, नई पेंशन स्कीम का पदार्पण किया था. लेकिन इसका परिणाम ये रहा कि, सरकारी कर्मचारी अभी तक इसे अपना नहीं पाए हैं. वहीं नेताओं को अभी भी पुरानी पेंशन ही मिलती है. इस सबके बीच सवाल ये है कि, क्या अब हर चुनाव में पुरानी पेंशन एक बड़ा मुद्दा बनती दिख रहा है. ?
