लखनऊ. गंगा एक्सप्रेस-वे (Ganga Express Way) के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) ने रुहेलखंड के शाहजहांपुर को चुना है. इस स्थान के भी खास सियासी मायने हैं. पीएम मोदी महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के जरिए आर्थिक तरक्की की इबारत लिखते हुए शिलान्यास के मंच से रुहेलखंड और मध्य अवध की 50 विधानसभा सीटों के मतदाताओं को साधेंगे. रुहेलखंड और अवध में भाजपा के किले को सुरक्षित करने का राजनीतिक दांव भी चलेंगे.
18 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी शाहजहांपुर में देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस की नींव रखेंगे. शिलान्यास समारोह में बरेली मंडल के चारों जिलों के लोग शिरकत करेंगे. इसके अलावा शाहजहांपुर से सटे लखनऊ मंडल के लखीमपुर खीरी, हरदोई और सीतापुर (Lakhimpur Kheri, Hardoi, Sitapur) के लोगों गंगा एक्सप्रेस वे के शिलान्यास के गवाह बनेंगे.
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रुहेलखंड का बरेली मंडल और अवध भाजपा का मजबूत गढ़ है. 2017 के विधानसभा चुनाव में बरेली मंडल के बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर की 25 में 23 विधानसभा सीटों पर बीजेपी ने जीत का परचम लहराया था. शाहजहांपुर की जलालाबाद और बदायूं की सहसवान सीट पर समाजवादी पार्टी जीत हासिल कर सकी थी.
यूपी को विकास का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी शाहजहांपुर में एक्सप्रेस वे के जरिए किस तरह आर्थिक तस्वीर बदलेगी, इसको समझाएंगे. गंगा एक्सप्रेस वे कैसे लोगों को जीवन में खुशहाली लाएगा यह बताएंगे. एक्सप्रेस वे के दोनों और विकसित होने वाले औद्योगिक कॉरिडोर का मायने बताएंगे. मोदी रुहेलखंड और अवध के साथ पूरे यूपी को विकास का संदेश देंगे.
