कोरोना वैक्सीन पर सियासी बवाल, विपक्ष ने उठाए सवाल, सरकार बोली…

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लखनऊ/ दिल्ली: कोरोना के संकट से जूझते देश को नए साल पर जश्न का ऐसा तोहफा मिला कि, पूरा देश खुशी से झूम उठा. नए साल की सुबह एक संजीवनी सरीखी खबर आई कि, आत्मनिर्भर भारत की प्रयोगशाला में सफल प्रयोग के बाद कोरोना की दो वाक्सीन को इस्तेमाल की मंजूर मिल गई है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन को आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है. डीसीजीआइ के अनुसार दोनों वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित हैं ।

वैक्सीन पर सियासी बवाल

इधर वैक्सीन आई, तो उधर दबे पांव, सियासत भी दौड़ी चली आई. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कह दिया कि, उन्हें बीजेपी की वैक्सीन पर भरोसा नहीं.लिहाजा वैक्सीन नहीं लगवाएंगे. अखिलेश यादव ने कहा कि, ये वैक्सीन बीजेपी की है और इसे मैं नहीं लगवाऊंगा, क्योंकि मुझे बीजेपी पर भरोसा नहीं है. अखिलेश ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि जो सरकार ताली और थाली बजवा रही थी, वो वैक्सीनेशन के लिए इतनी बड़ी चेन क्यों बनवा रही है. ताली और थाली से ही कोरोना को भगवा दें. मैं अभी कोरोना वायरस की वैक्सीन नहीं लगवाऊंगा. मैं बीजेपी की वैक्सीन पर कैसे भरोसा कर सकता हूं. जब हमारी सरकार बनेगी तो सभी को मुफ्त वैक्सीन मिलेगी. हम बीजेपी की वैक्सीन नहीं लगवा सकते हैं.’ 

‘नपुंसक बना देगी वैक्सीन’

और तो और अखिलेश यादव के एक सिपहलार ने तो वैक्सीन को जनसंख्या से जोड़ते हुए नपुंसक होने का अंदेशा भी जता दिया. सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि,  ‘कोविड-19 की वैक्सीन में कुछ तो ऐसा है, जो लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है. हो सकता है कि लोग बाद में कह दें कि वैक्सीन जनसंख्या को कम करने के लिए दी गई है. कुछ भी हो सकता है. ये भी संभव है कि इस वैक्सीन को लगवाने के बाद लोग नपुंसक हो जाएं.’

वैक्सीन पर बयानबाजी में बंट गया खुद सैफई परिवार, अखिलेश यादव से सहमत नहीं दिखीं छोटी बहू अपर्णा यादव. अपर्णा ने कहा कि, अपर्णा यादव, नेता, उनका अपना मत है लेकिन वैज्ञानिकों पर सवाल नहीं उठाने चाहिएं ।

बीजेपी का पलटवार

सियासत में श्रेय लेने से भला कौन पीछे हटना चाहता है लेकिन वैज्ञानिकों की उपलब्धि पर बीजेपी का पोस्टर चिपकाना, खुद बीजेपी को रास नहीं आया. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि, अखिलेश यादव को टीके पर भरोसा नहीं है और उत्तर प्रदेशवासियों को उन ) पर भरोसा नहीं है. ये देश के चिकित्सकों और वैज्ञानिकों का अपमान है.’ 

कांग्रेस कुनबे से भी सवाल

पूरा विपक्ष वैक्सीन पर वैज्ञानिक बन बनता दिख रहा है. सपा के बाद कांग्रेस के कुनबे से शशि थरुर, जयराम रमेश, राशिद अल्वी ने भी सवाल उठा दिए.  शशि थरुर ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि, आपका कहना कि इससे दुष्परिणाम नहीं होंगे, सुखदायक है. लेकिन आप कह रहे हैं ‘इसके काम करने की संभावना है’, ‘ये दूसरी वैक्सीन जितनी कारगर होगी’, ये आश्वासन नहीं देता है. संभावना तभी निश्चित हो सकती है, जब क्लिनिकल ट्रायल का फेज़ तीन भी हो ।

 

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