नईदिल्ली/लखनऊ: नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी की तबीयत अभी भी गंभीर बनी हुई है. गुरुग्राम के वेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. उन्हें डॉक्टर्स की कड़ी निगरानी में रखा गया है. बता दें कि, रविवार सुबह उन्हें हार्टअटैक आया था. जिसके बाद उन्हें गुरुग्राम के वेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अखिलेश यादव भी उन्हें देखने मेदांता पहुंचे थे. शाम को डॉक्टरों ने मेडिकल बुलेटिन भी जारी किया जिसमें उनका हालत अभी भी गंभीर बताई गई है. ड़क्टरों की एक टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. राम गोविंद चौधरी भारतीय राजनीति में बड़े समाजवादी नेता है. साथ ही समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में इनकी गिनती होती है. फिलहाल नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं

एक नजर उनके सियासी सफर पर डालते हैं-
छात्रनेता के तौर पर राजनीतिक सफर शुरु किया साल 1971-72 में मुरली मनोहर टाउन महाविद्यालय से महामंत्री चुने और बाद में अध्यक्ष बने. गोविंद चौधरी आपातकाल के दौरान जेल भी गए. जे पी आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले रामगोविंद चौधरी पूर्व पीएम चंद्रशेखर के विश्वासपात्र रहे हैं. 1977 में उनका सियासी सफर शुरु हुआ. गोविंद जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार चुनाव लड़े और साल 1977 में चिलकहर सीट से विधायक बने. 1996 चुनाव में जनता पार्टी के टिकट पर चिलकहर सीट से चौथे नंबर पर रहे.
साल 2002 में वो समाजवादी पार्टी में शामिल हुए जिसके बाद वो बांसडीह सीट से चुनाव लड़े और जीते. 2003 में मुलायम सरकार में मंत्री बने हालांकि साल 2008 में हुए चुनाव में उनकी हार हुई मगर 2012 विधानसभा चुनाव में फिर जीते और अखिलेश सरकार में मंत्री बने. 2017 विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर चुने गए. रामगोविंद चौधरी 8 बार के विधायक हैं और मुलायम-अखिलेश यादव के बेहद करीबी भी हैं.
