यूपी सरकार ने आज़म खान को दिय़ा एक और झटका, मदरसा आलिया और दारुल अवाम की लीज रद्द

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रामपुर: समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और रामपुर से सांसद आज़म खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. भू-माफिया घोषित होने के बाद आज़म खान को योगी सरकार ने एक और झटका दिया है और जौहर ट्रस्ट को लीज पर दी गई 2 बिल्डिंगों- मदरसा आलिया और दारुल अवाम की लीज को निरस्त करने का आदेश दिया है.

जानकारी के मुताबिक, रामपुर के जिलाधिकारी (डीएम) आंजनेय कुमार सिंह ने शासन को भेजी अपनी रिपोर्ट में एसआईटी जांच के अधीन यह सिफारिश की है. अल्लेखनीय है कि आजम खान जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष है और इस मामले की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है. य़ह दोनों की इमारतें सपा सरकार के शासन में जौहर ट्रस्ट को लीज पर दी गई थी.

आजम पर जमीन कब्जाने के आरोप
आजम खान पर जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीन कब्जाने के आरोप लगे हैं. आजम खान के खिलाफ अब तक करीब 26 किसानों ने शपथपत्र देकर किसानों की जमीन कब्जाने के आरोप लगाए हैं. किसानों का आरोप है कि, जौहर यूनिवर्सिटी के लिए आजम खान और तत्कालीन सीओ सिटी और वर्तमान में यूनिवर्सिटी के सुरक्षाधिकारी आलेहसन ने उन्हें जमीन के लिए डराया धमकाया. और जेल भेजने की धमकी दी थी. बता दें कि, आजम खान पर अब तक जमीन के 13 मामले दर्ज हो चुके हैं. इस सिलसिले में आलेहसन के घर पर पुलिस ने दबिश दी थी तब आलेहसन फरार हो गए थे पुलिस ने उनके बेटे को गिर्फतार किया है और उनकी पत्नी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्जकिया है.

स्पेशल टीम करेगी विवेचना
एसएसपी अजयपाल शर्मा ने कहा कि, इस मामले में अब स्पेशल टीम विवेचना करेगी. तीन सदस्यीय टीम निष्पक्ष तरीके से इसकी जांच करेगी.

सपा का योगी सरकार पर आरोप
समाजवादी पार्टी ने इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताया है. विधानपरिषद सत्र के पहले दिन सपा के विधायकों ने सरकार पर पक्षपात और राजनीति से प्रेरित आरोप लगाकर विरोध प्रदर्शन किया. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा कि, सरकार खुद इस मामले में रूचि लेकर मामले दर्ज करवा रही है. यूनिवर्सिटी को बने 16 साल हो गए लेकिन अब तक किसी ने कोई शिकायत नहीं की थी. आजम खान पर जमीन के मामले फर्जी हैं. वहीं आजम खान ने भी कह कि, ये सारे मामले फर्जी हैं.

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