अपना उत्तर प्रेश के REALITY CHECK में बहुत बड़ा खुलासा, बुलंदशहर में खुले में शौच मुक्त घोषित पर…

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बुलंदशहर : ताजपुर गांव पहुंची अपना उत्तर प्रदेश की टीम और गांव के लोगों से बातचीत की गांव के लोगों का कहना है. कि गांव में जो प्रधानमंत्री योजना द्वारा शौचालय बनाए गए हैं.  वह सिर्फ स्टोर रूम की तरह इस्तेमाल किए जा रहे हैं. क्योंकि उसमें ना तो टॉयलेट सीट लगाई गई है और ना ही कोई टैंक बनाया गया सिर्फ खानापूर्ति के लिए एक ढांचा बना कर खड़ा कर दिया गया है, और उस पर लिख दिया गया है इज्जत घर.

2 साल से ऐसे ही खड़ा है ढांचा

गांव में टॉयलेट के नाम पर डमी खड़ा कर दिया गया है. तकरीबन 2 साल पहले ताजपुर गांव के गरीब परिवारों के घरों में प्रधान द्वारा टॉयलेट बनाए गए थे, लेकिन आज तक गांव के लोग इनका इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं, क्योंकि इनमे सीटें नहीं लगी हुई है  और आज भी गांव की किशोरियां व महिलाएं शौच के लिए जंगल जाती हैं. गांव के सभी लोगों का कहना है कि हमे शौच के लिए जंगल जाना पड़ता है, जो कि काफी दूर है कभी कभी रात में भी जाना पड़ता है. जिसमें सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है. इसी परेशानी से निजात पाने के लिए सभी गांव के लोगों ने सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों से हाथ जोड़कर गुहार लगाई है.  कि उनके गांव में जो टॉयलेट बनाए गए हैं उन्हें सुचारू रूप से तरीके से बनाया जाए ताकि जो महिलाएं हैं उनको शौच के लिए जंगल ना जाना पड़े.

एनसीआर में ही हालात ऐसे हैं

देश की राजधानी करीब होने के वजह से बुलंदशहर एनसीआर का हिस्सा है और दिल्ली से महज़ 60 किलोमीटर की दूरी पर है और बुलंदशहर सिटी के बेहद नजदीक है ताजपुर गांव. गांव की आबादी तकरीबन 3000 है कि और गांव में अधिकतर परिवार गरीब हैं. 2018 में गरीब परिवारों के घरों में शौचालय जरूर बनाए गए थे, लेकिन आज तक शौचालयों को इस्तेमाल करने लायक नहीं बनाया गया है. जिस दिन से शौचालय बने हैं, तब से लेकर आज तक दोबारा गांव के प्रधान ने शौचालयों की सुध ली है, और ना ही किसी  सरकारी  नुमाइंदे  ने जाकर देखा है. आज भी छोटे-छोटे मासूम बच्चे व बच्चियां रात के अंधेरे में शौच के लिए जंगल जाने को मजबूर हैं. गांव के लोगों का कहना है कि हम लोगों को बेहद शर्म आती है, जब हमारे घर की महिलाएं जंगल में सोच के लिए जाती हैं, कभी-कभी तो बीमारी में भी जंगल जाना पड़ता है, अगर हमारे घर में ही शौचालय होगा तो हम लोगों का बहुत समय बचेगा और एक बेहतर जिंदगी भी हो जाएगी.  गांव के लोगों को बहुत दूर पैदल चलकर जाना पड़ता है, सभी गांव वालों का आरोप है कि गांव के विकास कार्यों में गबन किया गया है, गांव के प्रधान और अधिकारी दोनों ने हमारे गांव के विकास कार्य और शौचालय हेतु आए पैसे का गबन कर लिया है, कृपया पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए.

 

 

अपना उत्तर प्रदेश के लिए बुलंदशहर से नीरज शर्मा की रिपोर्ट

 

 

 

 

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