फ्रॉड: अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से 122 फ्लैट्स की रजिस्ट्री, मच रहा हड़कंप

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नोएडा: जमीनों को लेकर बुना जाल नोएडा विकास प्राधिकरण भी नहीं काट पा रहा है. हालात ये हैं कि, जालसाजों ने प्राधिकरण को भी नहीं बख्शा है. एक और खुलासे ने प्राधिकरण से लेकर खरीददारों तक में हड़कंप मचा दिया है. दरअसल, नोएडा प्राधिकरण के एक अधिकारी के फऱ्जी हस्ताक्षर से 100 से ज्यादा फ्लैट्स की रजिस्ट्री का मामला सामने आया है.

प्राधिकरण के फर्जी हस्ताक्षर से करा दीं 122 रजिस्ट्री
सूत्रों के मुताबिक नोएडा प्राधिकरण के एक संबंधित अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर के जरिए रजिस्ट्री का मामला सामने आया है. अब तक की जांच में करीब 122 फ्लैट्स की फर्जी हस्ताक्षर से रजिस्ट्री के मामले सामने आ रहे हैं. हालांकि, प्राधिकरण ने अधिकारिक रूप से इस मामले में अभी अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है.

बीते जून में भी आया था मामला
दरअसल, फर्जी हस्ताक्षर से फ्लैट्स की रजिस्ट्री का मामला जून में भी सामने आय़ा था. जिस पर प्राधिकरण की तरफ से FIR भी कराई गई थी. इसके बाद प्राधिकरण ने अपने स्तर से इस गंभीर मसले की जांच भी कराई थी. तब डाक लाने वाले कर्मचारी पर ये फर्जीवाड़ा करने का शक जाहिर किया गया था.

क्या है रजिस्ट्री का प्रोसेस?
फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए सबसे पहले एक ट्राइ एग्रीमेंट होता है. सोसायटी के कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेना होता है, ट्राई एग्रीमेंट में बिल्डर, प्राधिकरण और इन्वेस्टर के साइन होते है. इसेक बाद में डाक से वो रजिस्ट्री विभाग में जाती हैं. इस डाक को प्राधिकरण का ही कई कर्मचारी लेकर जाता है.

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