धनतेरस की रात का एक उपाय आपको बनाएगा मालामाल, कभी नहीं होगी पैसे की कमी

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नई दिल्लीः देशभर में त्योहारों का सिलसिला शुरू हो चुका है. धनतरेस (Dhanteras) के दिन लोग नए बर्तन और सोने-चांदी (Gold-silver) के गहने आदि खरीदते हैं. इस दिन कुबेर भगवान की पूजा होती है और आज ही से दीपावली (Diwali 2019) और उससे आगे आने वाले त्योहारों की शुरुआत भी हो चुकी है. मान्यता है कि इन दिनों में जो भगवान गणेश, (lord Ganesha) माता लक्ष्मी (Maa laxmi) और भगवान कुबेर की पूजा अर्चना बड़े ही भक्ति भाव से करता है, उस पर धन की वर्षा सदैव होती है. अब हम जो आपको बताने जा रहे हैं, अगर आप ऐसा करते हैं तो आप और आपकी आने वाली सात पीढ़ियों के पास धन की कभी भी कमी नहीं होगी. साथ ही अगर आप चाहते हैं कि आप के घर में किसी की अकाल मृत्यु न हो तो आपको नीचे दिया गया उपाय जरूर करना चाहिए.

करें ऐसा, सात पीढ़ी तक चलेगा धन
धनतेरस (Dhanteras ) की रात को एक दीये को घर के मंदिर में हनुमान जी (Hanuman) की प्रतिमा के समाने जलाएं और उस दीये में एक साबुत लौंग भी डाले, साथ ही उस दीये से हनुमान जी (Hanuman) की आरती भी करें. इस बीच खासतौर पर ध्यान रहे कि ये दीपक खंडित न हो. इसके साथ ही अपने घर के मुख्यद्वार पर दो दीये जलाएं. घर की छत पर एक दीया और घर के आंगन में भी एक दीया जरूर जलाएं. अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके घर और आपकी आने वाली सात पीढ़ी तक कभी भी धन की कमी नहीं होगी.

ऐसा करते ही घर में नहीं होगी अकाल मृत्यु
धनतेरस की रात को दीया जलाने की बहुत पुरानी परंपरा है. दरअसल, पंचपर्वो का उत्सव धनतेरस से ही शुरू होता है. मृत्यु के देवता यानि यम को याद करते हुए धनतेरस वाले दिन से ही एक दीया जलाने की परंपरा शुरू होती है और यमदेव से प्रार्थना की जाती है कि घर में किसी भी व्यक्ति की कभी भी अकाल मृत्यु न हो. दरअसल, इसके पीछे एक पौराणिक कथा है और वो ये कि देवता यमराज के मन में एक दिन विचार आया कि मेरे आदेश पर मेरे दूत किसी के भी प्राण हर लेते हैं, क्या कभी उन्हें किसी भी व्यक्ति पर दया नहीं आती. जिसके बाद उन्होंने अपने दूत से ये बात कही. जिस पर यमदूत ने कहा कि जब एक बार हंस नाम के राजा के घर में जब बेटा हुआ तो ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की थी कि राजा की मृत्यु शादी के 4 दिन बाद हो जाएगी.

जिसके बाद राजा ने फैसला किया कि वो अपने बेटे की शादी ही नहीं करेंगे और अपने बेटे को राजा ने जंगल में एक महात्मा की कुटिया में भेज दिया, लेकिन होनी को भला कौन टाल सकता था. राजा के बेटे ने हंस नाम के राजा की कन्या से विवाह कर लिया और 4 दिन बाद उसके पति की मृत्यु हो गई, जिस पर पत्नी अपने पति की मौत का विलाप कर रही थी. इस पर यमदूत को दया आई और उसने यमराज से ऐसी जवान मौतें रोकने का उपाय पूछा. जिस पर यमराज ने कहा कि यदि जो व्यक्ति कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन मेरे नाम का दीया सच्चे मन से जलाएगा, उसके परिवार में कभी भी अकाल मृत्यु और जवान व्यक्ति की मौत नहीं होगी. जिसके चलते धनतेरस की रात को यम के नाम का दीया यानि यम दीपक जलाया जाता है.

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