69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामलाः आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों का CM आवास के बाहर हल्ला बोल

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लखनऊ. आरक्षण गणित अभ्यर्थी लखनऊ इको गार्डन से एक एक कर सबसे पहले चारबाग पहुंचे तथा चारबाग से सभी आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों ने प्राइवेट बस एवं टेंपो को हायर कर मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे तथा वहां पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया. मुख्यमंत्री आवास पर आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन करीब 20 मिनट तक चला. आरक्षण पीड़ित ओबीसी तथा एससी वर्ग के अभ्यर्थियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि इस भर्ती में 18000 से अधिक सीटों पर आरक्षण घोटाला हुआ है तथा सरकार 18000 आरक्षण घोटाले की सीट में से मात्र 6800 सीट देकर इस मामले को शांत करना चाहती है लेकिन अभ्यर्थी शांत नहीं बैठेंगे . इस भर्ती में ओबीसी वर्ग को 27% तथा एससी वर्ग को 21% आरक्षण नहीं दिया गया है आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थी अपना इस आरक्षण को हर कीमत पर लेकर रहेंगे तथा उनका धरना प्रदर्शन तभी समाप्त होगा जब उन्हें इस भर्ती में पूरी तरह से न्याय मिल जाएगा.

205 दिन से लखनऊ के इको गार्डन पार्क में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं
ओबीसी वर्ग को इस भर्ती में 18598 सीट में से मात्र 2637 सीट दी गई है तथा ओबीसी वर्ग को 27% की जगह मात्र 3.86% आरक्षण दिया गया है वहीं दूसरी तरफ एससी वर्ग को इस भर्ती में 21% की जगह मात्र 16.6% आरक्षण दिया गया है. आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि उन्हें इस भर्ती में अनारक्षित की कटऑफ 67.11 से नीचे ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण मिलना था वहीं दूसरी तरफ एससी वर्ग को 21% आरक्षण मिलना था लेकिन सरकार ने इस आरक्षण को पूरा नहीं दिया इसलिए अभ्यर्थी 205 दिन से लखनऊ इको गार्डन पार्क में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं.

अभ्यर्थियों का कहना है कि अब से 20 दिन पूर्व आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों की मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुख्यमंत्री आवास पर हुई थी तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को इस भर्ती में 27% एवं 21% आरक्षण पूरा करने का निर्देश दिया था लेकिन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के आदेश का उल्लंघन कर 18000 आरक्षण घोटाले की सीट में से मात्र 6800 सीट पर आरक्षण घोटाला स्वीकार किया है जो पूरी तरह से गलत है तथा अभ्यर्थी इस 6800 सीट देने से नाराज हैं तथा अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है तथा अभ्यर्थी 6800 सीट देने के इस मामले को सोमवार में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चैलेंज करेंगे तथा 6800 सीट पर कोर्ट से स्टे की मांग करेंगे.

29 अप्रैल 2021 को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की जारी रिपोर्ट में भी राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने यह माना है कि इस भर्ती में आरक्षण का बहुत बड़ा घोटाला हुआ है तथा NIC के सॉफ्टवेयर में आरक्षण से संबंधित इस भर्ती के लिए कौन सी कमांड दी गई यह अधिकारी नहीं जानते थे यह राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है, जब अधिकारियों को यही नहीं पता कि उसके 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में एनआईसी के सॉफ्टवेयर में आरक्षण से संबंधित कौन सी कमांड दी जा रही है तो उन्होंने इस भर्ती में आरक्षण के नियमों का कैसे पालन कर लिया यह अपने आप में बड़ा सवाल है.

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि इस भर्ती में बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 तथा आरक्षण नियमावली 1994 का उल्लंघन हुआ है तथा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा है कि इस भर्ती में आरक्षण सही तरीके से नहीं दिया गया है तथा गलत तरीके से अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का चयन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाए क्योंकि इस भर्ती में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अनुच्छेद 14, 15 , तथा 16 का उल्लंघन किया है.

आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि उन्हें इस भर्ती में पूरा आरक्षण दिया जाए या फिर 6800 गलत तरीके से चयनित किए गए अभ्यर्थियों को इस इस भर्ती प्रक्रिया से बाहर किया जाए अथवा लखनऊ हाई कोर्ट में जितने भी आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी याची हैं उन सभी याचियों को याची लाभ दिया जाए.
मुख्यमंत्री आवास पर आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों के 20 मिनट तक चले घेराव एवं प्रदर्शन के बाद सभी आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर बस में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया .

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