लखनऊ: राजधानी लखनऊ में अफनी रैली में भीड़ जुटाकर अपनी सियासी ताकत का अहसास करा दिया. भीड़ से गदगद शिवपाल यादव ने जहां इशारों इशारों में भतीजे अखिलेश यादव पर निशाना साधा वही बीजेपी पर देश को कमजोर करने का आरोप भी लगा दिया. लेकिन इन सबके बीच शिवपाल यादव ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि, ‘अयोध्या कि विवादित जमीन पर मंदिर नहीं बनना चाहिए’.
‘कहीं और तलाश लें मंदिर को जमीन’
बता दें कि, शिवपाल यादव ने अपनी नई पार्टी बनाने के बाद पहली बार राजधानी लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन किया. रमाबाई मैदान में हुए इस ‘जनाक्रोश रैली’ भीड़ भी बखूबी देखने को मिली. इस रैली के मंच से अयोध्या के राममंदिर मुद्दे पर बोलते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि, ‘अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर नहीं बनना चाहिए. मेरा सीधा कहना है कि उच्चतम न्यायालय की कहीं अवहेलना नहीं होनी चाहिए. अगर मंदिर बनाना है तो सरयू के किनारे कहीं जमीन तलाश लो. सरकार के पास जमीन की कमी नहीं होती है.’
‘दंगा भड़काना चाहती है बीजेपी’
बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि, बीजेपी देश को कमजोर करने का काम कर रही है 2019 के लोकसभा चुनाव में राजनीतिक फायदा लेने के लिए बीजेपी दंगा भड़काना चाहती है. ‘हम बीजेपी को देश और प्रदेश से हटाएंगे’ हम शांति और भाईचारे के पक्षधर हैं.
‘अखिलेश यादव पर निशाना’
शिवपाल यादव की इस रैली में सबकी निगाहें नेताजी मुलायम सिंह यादव को खोज रही थीं उनके इस कार्यक्रम में आने या ना आने पर तमाम कयास लग रहे थे. लेकिन मुलायम सिंह ना सिर्फ शामिल हुए, बल्कि भाषण भी दिया. इसी दौरान शिवपाल सिंह यादव ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि, मैने नेताजी के आशीर्वाद से पार्टी बनाई है. अखिलेश चापलूसों के चक्कर में फंस गए हैं.
शिवपाल ने कहा कि वर्ष 1992 में तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा सुरक्षा की गारंटी का हलफनामा देने के बावजूद बाबरी मस्जिद को तोड़ दिया गया था. वह देश में फिर से वैसी ही आग फैलाना चाहती है. हम और नेता जी (सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव) मुसलमानों के साथ खड़े हैं.
