बुलंदशहर : नौकरी के लालच में एक कलयुगी बेटे की करतूत सामने आई है. तीन दिन से लापता एक कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का शव सोमवार को बरामद हुआ. इतना ही नहीं हत्यारे ने शव के 10 टुकड़े कर एक बोरे में भरकर गांव के ही बहार एक गड्ढे में दबा दिया था. आरोप है कि मृतक के बेटे ने ही मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाने के लिए हत्या की घटना को अंजाम दिया. है.
तीन दिन पहले हुआ था लापता
बुलंदशहर के बीबीनगर के गांव अहमदानगर में रहने वाले तेजपाल उर्फ तेजा शनिवार को रोजाना की तरह वह डयूटी पर गया था. मगर फिर घर नही लौटा. सोमवार सुबह तेजा का एक हाथ गांव में सड़क किनारे एक खेत के पास मिला, तो ग्रामीणों ने तेजा की तलाश शुरू कर दी. कुछ ही देर बाद इस गड्ढे में दबे बोरे में तेजा का सिर, हाथ, पैर सहित शरीर के 10 टुकड़े मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई.
बड़े बेटे ने छोटे भाई पर लगाया आरोप
बड़े बेटे कपिल की मानें तो तेजपाल के तीन पुत्र हैं. जिनमें से दो हाईस्कूल पास हैं और दोनो बेरोजगार है. वह खुद भी मजदूरी करता है. तेजपाल 3 महीने बाद रिटायर होने वाले थे. कपिल सरकार से पिता की हत्या का खुलासा करने की मांग कर रहा है.
पुलिस ने हिरासत में लिया
एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने तेजा के शव के टुकड़े को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिये है. घटना स्थल से फोरेंसिक विभाग की टीम ने भी कुछ साक्ष्य संकलित किये हैं. मगर पुलिस की माने तो प्रारम्भिक जांच में नौकरी पाने के लिए पिता की हत्या किये जाने की बात प्रकाश में आयी है. इसीलिए पुलिस ने मृतक की पत्नी व पुत्र को हिरासत में ले लिया है.
