सुगन्धा त्रिपाठी के शब्दों में मां और सासू मां की परिभाषा…
इस लाकडाउन समय मे एक ही शहर मे रहने के नाते मुझे अपनी मां और सासू मां दोनो के साथ रहने को और बहुत कुछ सीखने समझने को मिला..इस अनुभव को मै कविता के माध्यम से बताना चाह रही हूं……। धरती पर मां ही तो होती है.. ईश्वर का स्वरुप जिसके बिना जीवन का ना […]
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