2018 में देश के इन बैंकों को लगा करोड़ों रुपयों का चूना, 2019 में भी होगा यही हाल!

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नई दिल्ली : पिछले 4 सालों की तुलना में साल 2018 में बैंकों को बड़ा घाटा सहना पड़ा. बताया जा रहा है कि इस बार बैंकों को 40 हजार करोड़ का चूना लगा था. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ताजा रिपोर्ट पर गौर करें तो साल 2017 के मुकाबले यह करीब 72 फीसदी ज्यादा है. 2017 के घाटे और चूना लगाने की बात करें तो बैंकों को 23933 करोड़ का चूना लगा था.

साल 2018 में सबसे बड़ा बैंक घोटाला हुआ पीएनबी घोटाला जिसकी मार से अब तक पीएनबी उबर नहीं पाया है. साल की शुरुआत में फरवरी महीने में पंजाब नेशनल बैंक में अब तक का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाले को एक हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी के द्वारा अंजाम दिया गया. इस घोटाले में पीएनबी को 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया गया.

बीते 4 साल में बैंकों के साथ धोखाधड़ी के मामलों में अनवरत इजाफा हुआ है. 2013-14 में 10,170 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गयी. यह राशि 2018 में 41,167.7 करोड़ रुपये हो गया है. इसे देखते हुए ये पता चलता है कि इस वर्ष यह 4 गुना ज्यादा है.

इस साल के धोखाधड़ी के मामले

2017-18 में ऑफ-बैलेंस शीट ऑपरेशन में धोखाधड़ी
विदेशी मुद्रा लेनदेन में धोखाधड़ी
जमा खातों और साइबर गतिविधि से संबंधित धोखाधड़ी
2017-18 में बैंक धोखाधड़ी के 5,917 मामले

ये मामले जो पिछले वर्ष के 5,076 मामलों के मुकाबले आधी हैं. इस साल बैंकों ने सबसे अधिक साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज किये. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बारे में कहा कि “सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों (पीएसबीएस) ने इस साल सितंबर के अंत तक विलफुल डिफाल्टरों (जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाले) के खिलाफ 2571 एफआईआर दर्ज कराए हैं. बकाए धन की रिकवरी के लिए 9,363 मुकदमें दर्ज हुए हैं और कर्ज नहीं चुकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है.”

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