लखनऊ: समाजवादी पार्टी अभी पुराने नेताओं के पार्टी छोड़ने से उबर भी नहीं पाई थी कि, एक बार फिर ‘हैट्रिक’ का खतरा मंडरा गया है. समाजवादी पार्टी के तीन विधान परिषद सदस्यों (MLC) ने बुधवार शाम सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है और इस मुलाकात के बाद ही सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि, सपा के ये तीनों विधानपिषद सदस्य साइकिल छोड़ कमल थाम सकते हैं.
इन तीन विधायकों (MLC) ने की मुलाकात
बीते कई दिनों से चर्चा थी कि, समाजवादी पार्टी के कुछ MLC बीजेपी के साथ जा सकते हैं. अब हमीरपुर से सपा एमलसी रमेश मिश्र, महाराजगंज से सीपी चंद और बलिया से रविशंकर सिंह उर्फ पप्पू बागी होते दिख रहे हैं. जल्द ही ये तीनों बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.
विधानपरिषद में अभी सपा है नंबर वन
विधानसभा में समाजवादी पार्टी सरकार के मुकाबले कमजोर हो लेकिन 55 विधानपरिषद सदस्यों के साथ समाजवादी पार्टी अभी विधान परिषद में सबसे बड़ी पार्टी है. ऐसे में बीजेपी की पूरी कोशिश यूपी की विधानपरिषद में भी संख्या बल जुटाना है. और इस रणनीति को भी संख्या बल जुटाने के तौर पर देखा जा रहा है.विधान परिषद में सपा के जहां 55 सदस्य हैं वहीं बीजेपी के पास 21 MLC सदस्य हैं. बसपा के पास 8 और कांग्रेस के पास केवल 2 विधान परिषद सदस्य हैं. इनमें से भी दिनेश प्रताप सिंह बीजेपी में शामिल होकर लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं. और कांग्रेस ने दिनेश प्रताप की सदस्यता रद्द करने के लिए याचिका दाखिल कर रखी है.
विधानपरिषद में सरकार के लिए चुनौती है
दरअसल, विधान परिषद में सदस्यों की कम संख्या बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है. संख्या बल कम होने की वजह से अभी कई बिलों पर सरकार को पीछे हटना पड़ता है. अगर सपा के सदस्यों की संख्या 50 से कम हो गई तो बीजेपी सरकार की राह बेहद आसान हो जाएगी क्योंकि, उस हालत में सरकार बीजेपी शिक्षक दल, निर्दलीय, निर्दल समूह, अपना दल के सदस्यों को साथ लेकर कोई भी बिल आसानी से पास कराने की हालत में होगी.
