लखनऊ:2019 के लोकसभा चुनाव से पहले तमाम राजनीतिक दल अपनी सुविधा के हिसाब से अपना-अपना गठबंधन औऱ महागठबंधन बनाने में लगे हैं. हाल ही में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने गठबंधन किया है. दूसरे राजनीतिक दल भी 2019 का गुणा-गणित सिद्ध करने के लिए गठबंधन की गोटियां बिछा रहे हैं. लेकिन इन राजनीतिक दलों की वादाखिलाफी से नाराज प्रदेश के लाखों बेरोजगारों ने महागठबंधन बनाने की मुहिम शुरू की है.
क्या है बेरोजगारों का महागठबंधन?
दरअसल, संविदाकर्मी,आउट सोर्सिंग कर्मी,बेरोजगारों ने राजधानी लखनऊ के दारुलशफा में बैठक कर महागठबंधन का निर्णय किया. बेरोजगारों ने सर्वसम्मति से अपने महागठबंधन का नाम “संयुक्त संविदा/आउट सोर्सिंग/बेरोजगार महागठबंधन” रखा.
क्या है रूपरेखा?
प्रदेश के लाखों बेरोजगारों का दर्द ये है कि, हर चुनाव से पहले सियासी दल उनके लिए बड़े-बड़े दावे करते हैं. लेकिन सरकार में आने पर केवल और केवल उनका शोषण करते हैं. उत्तर प्रदेश के हालात देखें तो तमाम सरकारें आई और गई लेकिन बेरोजगारों की सालों से लटकी भर्तियां या तो पूरी नहीं हो पाई या रद्द कर दी गईं. वहीं दूसरें विभागों से किए गए वेतन आदि के वादे भी आजतक पूरे नहीं हुए. इसलिए बेरोजगारों ने सियासी दलों से जवाबदेही के लिए महागठबंधन का रास्ता चुना. इस महागठबंधन ने सर्वसम्मति से 6 फरवरी 2019 को प्रदेश में जनपदवार ज्ञापन कार्यक्रम एवं 18 फरवरी 2019 को लखनऊ में धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया गया है.
बेरोजगारों के महागठबंधन में शामिल संगठन
बेरोजगारों के इस महागठबंधन में उत्तर प्रदेश के सभी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों/बेरोजगार जैसे अनुदेशक, प्रेरक,शिक्षामित्र, बीपीएड बेरोजगार,उर्दू भर्ती, बहुउद्देशीय सचल वाहन चालक, संयुक्त नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन, कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय, पशु मित्र, एड्स सोसाइटी, आउट सोर्सिंग वर्कर, पैरावेंट्री वर्कर, संविदा फार्मासिस्ट, ग्राम रोजगार सेवक, रसोइया, आशाओ का संगठन शामिल रहेगा.
कौन-कौन लोग शामिल हुए?

बेरोजगारों के महागठबंधन की मुहिम में आनंद जी प्रदेश अध्यक्ष साक्षरता समन्यवक वे०ए० उत्तर प्रदेश, राधा रानी पाण्डेय प्रदेश अध्यक्ष आगनवाडी संघ, अखिलेश जी प्रदेश अध्यक्ष ग्राम रोजगार/ग्राम पंचायत मित्र वेलफेयर एसोसिएशन, उमा शंकर मिश्र प्रदेश अध्यक्ष HMS, धीरेंद्र यादव प्रदेश अध्यक्ष बीपीएड संघर्ष मोर्चा, भूपेश सिंह प्रदेश अध्यक्ष रोजगार सेवक संघ, संतोष सिंह प्रदेश अध्यक्ष आउट सोर्सिंग कर्मचारी संघ, जयराम पाण्डेय संयोजक/संस्थापक प्रेरक संघ, गिरीश कुमार पाण्डेय जी प्रदेश अध्यक्ष आगनवाड़ी संघ, रमन जी प्रदेश अध्यक्ष कंप्यूटर ऑपरेटर संघ, जितेंद्र शाही प्रदेश अध्यक्ष शिक्षा मित्र संघ, ठाकुर मयंक प्रताप सिंह प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ, अतुल बंसल (राष्ट्रीय अध्यक्ष) कस्तूरबा गाँधी बालिका संघ, अनिरुद्ध पाण्डेय प्रदेश महामंत्री माध्यमिक कम्प्यूटर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, हाजी मुस्लिम रजा खान राष्ट्रीय अध्यक्ष आल इंडिया मदरसा मॉडर्न टीचर एसोसिएशन, अख्तर कमाल मकरानी प्रदेश अध्यक्ष मदरसा मॉडर्न टीचर एसोसिएशन, रत्नेश प्रदेश अध्यक्ष uppcl ग्रुप डी, राम बरन रावत प्रदेश अध्यक्ष प्रांतीय संविदा, मदन पाल(प्रदेश अध्यक्ष रसोइया संघ, ब्रह्म कुमार प्रदेश अध्यक्ष रसोइया संघ, राघव गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष आउट सोर्सिंग स्टाफ, मीरा जी प्रदेश अध्यक्ष आशा संघ, वीना गुप्ता जी संयोजक आगनवाडी संघ, त्रिभुवन सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष शिक्षा मित्र संघ आदि लोग शामिल हुए.
बेरोजगारों के महागठबंधन का क्या होगा असर
कहते हैं कि, एकता में ही शक्ति होती है. अभी तय ये तमाम संगठन अपनी मांगों के लिए इको गार्डन, विधानसभा या सड़क को चुनते थे. कम संख्या होने और अलग-अलग होने की वजह से प्रशासन इनका उत्पीड़न करने में भी पीछे नहीं रहता था. ऐसा कई बार हुआ कि, इन्होंने अपना हक मांगा और लाठियां मिलीं. अब जब ये सब एक साथ मिलकर अपने हक की मांग करेंगे और वोट की ताकत दिखाएंगे तो कोई भी सियासी दल इनको नजरअंदाज नहीं कर सकेगा. क्योंकि, यूपी में केवल संविदां पर ही 16 से 17 लाख कर्मचारी हैं इनके अलावा तमाम छात्र संगठन, बेरोजगार संगठन मिलाकर ये आंकड़ा इतना होता है कि, राजनीतिक दल इनकी मांगे मानने को मजबूर हो जाएं.
आगे की रणनीति क्या है?
संविदा कर्मी, आउटसोर्सिंग तथा बेरोजगारों के महागठबंधन का आगे का कार्यक्रम सुचारू क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों के संगठनों के जिलाध्यक्षों तथा जिला कार्यकारिणी की अपने अपने जनपद में बैठक कर जिला स्तर पर 06 फरवरी को प्रदर्शन की एक व्यवस्थित रणनीति तैयार करेंगे.
