UP Elections 2022: ‘साथी’ का खेल बिगाड़ेगा ‘हाथ’

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है. इशके साथ ही राज्य में राजनीतिक चहल-पहल बढ़ गई है. राजनीतिक दल खास कर सपा और बसपा का गठबंधन एक एक सीट पर गंभीर मंथन करने में जुटा है, मगर इस मंथन का खेल बिगाड़ने के लिए चुनाव में कांग्रेस है, जी हां, बीजेपी को रोकने के लिए यूपी में बना समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन के रास्ते में कांग्रेस रोड़ा बनती दिख रही हैं

MYD फेक्टर में सेंधमारी
गठबंधन को उम्मीद है की एमवाईडी फेक्टर यानि मुस्लिम यादव और दलित वोट पर उसकी मजबूत पकड़ है और इस पकड़ से बीजेपी को पछाड़ देंगे मगर कांग्रेस ने इस फेक्टर की काट खोज ली है, कहा जा रहा है बीजेपी से ज्यादा गठबंधन को नुकसान पहुंचाएगी कांग्रेस, क्योंकि सपा बसपा का गठबंधन इस फेक्टर पर टिका है और कांग्रेस की नजर इसी फेक्टर पर है.

चंद्रशेखर से मिलेगी मायावती को मात !
कुछ ही दिन पहले चंद्रशेखर जब मेरठ अस्पताल में भर्ती थे तो कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उन्से मिलने पहुंची थी, अकेले में उनसे कुछ देर बात भी की, जिसमें कहा जा रहा है कि बातचीत के दौरान चंद्रशेखर ने कांग्रेस को समर्थन देने का वादा किया है, बता दें की चंद्रशेखर दलित समाज का चर्चित युवा चेहरा है, उनके पास दलित वोट का बड़ा तबका है जो मायावती से नाराज है ऐसे में प्रियंका ने चंद्रशेखर से मुलाकात कर उस तबके को करीब लाने की कोशिश की है.

मुस्लिम कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक
आजादी के बाद से ही कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक रहा है मुस्लिम समाज हालांकि क्षेत्रीय दल जैसे समाजवादी पार्टी बनने के बाद ये वोट बैंक इन पार्टियों के पास नजर आया मगर जब बात लोकसभा चुनाव की हो तो ये वोट कांग्रेस को ही मिलता रहा है, लेकिन पिछले चुनाव में ये वोट बैंक बीजेपी के खाते में चला गया था जिससे केन्द्र में बीजेपी की सरकार बनी थी, मगर बीजेपी की नीतियों से नाराज मुस्लिम समाज को लेकर कहा जा रहा है कि इस बार वो कांग्रेसी खेमे में ही दिखाई देने जा रहा है, अगर मुस्लिम वोट भी कांग्रेस के पास चला गया तो गठबंधन के पास समाजवादी पार्टी का यादव वोट बैंक रहेगा, उस सिर्फ यादव वोट बैंक के सहारे बीजेपी को हराना आसान नहीं होगा.

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