नोएडा: यूपी वाणिज्य कर विभाग में प्रस्तावित काडर पुनर्गठन की प्रक्रिया का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है. काडर के पुनर्गठन के विरोध में यूपी वाणिज्य कर मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन ने आंदोलन को तेज कर दिया है. विरोध के तहत यूपी वाणिज्य कर मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन ने नोएडा के सेक्टर 18 स्थित कार्यालय में 17 अगस्त से 20 अगस्त तक काम पूरी तरह से बंद करने का ऐलान किया है.
एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष कमलदीप यादव और महामंत्री जयप्रकाश मौर्य ने की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, यूपी वाणिज्य कर मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन इस कदम का विरोध इसलिए कर रहा है क्योंकि उसका कहना है कि इससे लिपिक संवर्ग के पदों में कटौती हो जाएगी. उन्होंने बताया कि यूपी सरकार में कार्मिक विभाग होने के बावजूद आईआईएम को 69 लाख का भुगतान कर काडर पुनर्गठन का काम करवाने का मामला है.
शासन को जल्द भेजी जाएगी रिपोर्ट
एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष कमलदीप यादव और महामंत्री जयप्रकाश मौर्य ने आगे कहा कि मुख्यालय के स्तर पर काडर के पुनर्गठन के लिए गठित समिति ने अधिकारियों के पदों को बढ़ाने के लिए लिपिकीय संवर्ग के पदों में कटौती का प्रस्ताव तैया किया है. इसे जल्द ही शासन को भेजने की तैयारी हो रही है.
क्या है पूरा मामला
उनके अनुसार आईआईएम ने अपनी रिपोर्ट में लिपिक संवर्ग में कर अधिकारी के 776, कर अधीक्षक के 977, कर निरीक्षक के 1518, वरिष्ठ सहायक के 998 और कनिष्ठ सहायक के 1293 पद रखने की संस्तुति की है. ऐसे में एसोसिएशन का आरोप है कि पदों की संख्या को जानबूझकर कम करने की साजिश रची जा रही है.
