नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने रविवार को 2019 के लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है. इस बार लोकसभा चुनाव 7 चरणों में 11 अप्रैल से कराए जाएंगे. वहीं वोटों की गिनती 25 मई को होगी. लोकसभा चुनावों तारीखों का ऐलान होने ही नेशनल वुमन पार्टी की ओर से इसमें लड़ने का ऐलान कर दिया गया है. नेशनल वुमन पार्टी (एनडब्ल्यूपी) और ऑल इंडिया वुमन यूनाइटेड पार्टी (एआईडब्ल्यूयूपी) ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन किया है. दोनों पार्टियों ने गठबंधन में 50 फीसदी सीटों पर संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने का फैसला किया है. नेशनल वुमन पार्टी और ऑल इंडिया वुमन यूनाइटेड पार्टी संयुक्त रूप से लोकसभा की 283 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
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खास बात यह है कि इन दोनों पार्टियों की सदस्य महिलाएं ही हैं. एनडब्ल्यूपी की अध्यक्ष श्वेता शेट्टी ने कहा कि इस समय भारत की 545 सदस्यों की संसद में केवल 11 फीसदी महिलाएं हैं. हम चाहते हैं कि संसद में महिलाओं की भागीदारी 50 फीसदी हो. तभी महिलाओं को रेप और शारीरिक उत्पीड़न से सुरक्षित रहने का अधिकार मिलेगा, तभी वह आत्मनिर्भर बन पाएंगी और उन्हें आर्थिक स्थिरता और पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं मिल पाएंगी.
ऑल इंडिया वुमन यूनाइटेड पार्टी की अध्यक्ष नसीम बानो ने कहा कि 13 मार्च को एनडब्ल्यूपी और एआईडब्ल्यूयूपी संयुक्त रूप से जंतर मंतर से इंडिया गेट तक महिलाओं का मार्च निकालेंगी. संसद में राजनैतिक अधिकार मिलने से ही महिलाओं की आर्थिक और राजनैतिक स्थिति सुधरेगी.
एनडब्ल्यूपी की अध्यक्ष श्वेता शेट्टी ने कहा, “अमेरिका की दशकों पुरानी नेशनल वुमंस पार्टी से प्रेरित होकर हमने सिर्फ महिलाओं के लिए इस पार्टी की शुरुआत की. इस पार्टी का मकसद संसद में महिला आरक्षण और कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न जैसे मुद्दों के खिलाफ लड़ाई लड़ना है.”
उन्होंने कहा, “हम जात-पात और धर्म का भेदभाव किए बिना पार्टी में शामिल होने वाली हर महिला का स्वागत करते हैं. हम देश के विकास में महिलाओं को समान रूप से भागीदार बनाना चाहते हैं.”
