नहीं रहे बुलंदशहर के ‘शाहजहां’ बेगम की याद में बनवाया था मिनी ताजमहल

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बुलंदशहर: डिबाई क्षेत्र के कसेरकलां में मिनी ताजमहल बनवाकर सुर्खियों में आए बुलंदशहर के ‘शाहजहां’ यानि फैजुल हसन कादरी की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि, गुरुवार की रात एक अज्ञात बाइक सवार ने उन्हे जोरदार टक्कर मार दी थी. तब घायल फैजुल हसन कादरी को अलीगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन शान और सलीके से जीने वाले कादरी साहब इलाज के दौरान मौत से जिंदगी की जंग हार गए. फैजुल हसन कादरी करीब 86 साल के थे. उनकी मौत के बाद इलाके में गम का माहौल है. अपनी बेगम तज्जमुली की याद में मिनी ताजमहल बनवाने वाले फैजुल हसन कादरी उर्फ शाहजहां को उनके ताजमहल में उनकी बेगम की कब्र के पास ही दफनाया गया हैं.

दरअसल, पेशे से क्लर्क रहे कादरी साहब जिंदादिल इंसान थे और अपनी बेगम से बेहद मोहब्बत करते थे. बेगम की मौत के बाद उनकी यादों को संजोए रखने के लिए उन्होंने कसरेकलां में मिनी ताजमहल का निर्माण कराया था. उस ताजमहल के लिए फैजुल हसन कादरी ने अपनी सारी जमा पूंजी लगा दी थी.

देश विदेश के लोग उनके मिनी ताजमहल को देखने के लिए आते हैं. उनके ताजमहल पर देश-विदेश में तमाम डॉक्यूमेंट्री भी बन चुकी है. उनके ताजमहल के चर्चे सुनकर तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उनसे मुलाकात कर सहयोग दिया था.

कादरी की मौत के बाद जिला प्रशासन ने उनके ताजमहल के संरक्षण  की बात कही है. इसके सौंदर्यीकरण के बाद अगले सत्र से इसे लोगों के देखने के  लिए तैयार किया जायेगा. अगर ऐसा हुआ तो यकीनन ये फैैजुल हसन कादरी उर्फ ‘शाहजहां’ के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी. apnauttarpradesh.co.in की टीम भी इस मुहिम में शासन-प्रशासन का सहयोग करेगी.

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