नए साल का पहला सूर्य ग्रहण आज, कब-कहां और कैसे देख सकते हैं ये अद्भुत नजारा

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आज नये साल का पहला ग्रहण पड़ रहा है. यह ग्रहण इस साल का भारत में पहला सूर्य ग्रहण होगा. यह पूर्ण नहीं बल्कि आंशिक सूर्य ग्रहण होगा जोकि 3 घंटे 18 मिनट तक रहेगा. ग्रहण सुबह 5 बजे से शुरू होकर 9.18 तक चलने वाला है. इसके बाद अगला ग्रहण इसी महीने 31 जनवरी को पड़ने वाला है. यह चंद्र ग्रहण होगा. इसके साथ ही साल 2019 में कुल 5 ग्रहण पड़ेंगे. तीन सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण .

सूर्य ग्रहण हो या चंद्र ग्रहण कभी भी ग्रहण के दौरान आसमान को नंगी आंखों से ना देखें.
अगर आपको सूर्य ग्रहण देखना है तो हमेशा सोलर फिल्टर वाले चश्मों से देखें. इस चश्मों को सोलर-व्युइंग ग्लासेस, पर्सनल सोलर फिल्टर्स या आइक्लिप्स ग्लासेस कहा जाता है.

ग्रहण के वक्त नहीं करना चाहिए ये काम
ज्योतिषों की मानें तो ग्रहण के वक्त खुले आकाश में निकलने के लिए मना किया जाता है. साथ ही खाना खाने और पकाने को भी मना किया जाता है. यह विचार ज्यादातर प्रेग्नेंट महिलाओं, बुज़ुर्गों, रोगी और बच्चों के लिए होते हैं.  ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी भी काम को करने से पहले नहाना चाहिए. साथ ही घर में मंदिर में मौजूद सभी भगवानों की मूर्तियों को भी नहलाना या फिर गंगाजल छिड़कना चाहिए. मूर्तियों और खुद को नहलाने के बाद पूरे घर में धूप-बत्ती कर शुद्धीकरण किया जाना चाहिए. घर में या बाहर मौजूद तुलसी के पौधे को भी गंगाजल डालकर स्वच्छ करना चाहिए.

भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण
आपको बता दें कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा बल्कि नॉर्थ ईस्ट एशिया के पैसेफिक ओशन के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. यह आंशिक सूर्य ग्रहण है. यह सूर्यग्रहण चीन,जापान,कोरिया,रूस दिखेगा लेकिन इसका प्रभाव सभी राशियों, अर्थव्यवस्था, प्रकृति और राजनीति पर देखने को मिलेगा. ज्ञान और नैतिक मूल्यों के स्वामी बृहस्पति की राशि धनु में ग्रहण लगने से नैतिक मूल्यों का ह्रास होगा. धार्मिक नेताओं की मुसीबत बढ़ेगी. शिक्षा के लिए यह ग्रहण शुभ नहीं है.

बन रहे हैं ये खास योग
सूर्य के साथ बुध, चंद्रमा और शनि के आसीन होने से यह ग्रहण वैश्विक, राष्ट्रीय और सामाजिक स्तर पर कई गलत निर्णयों का साक्षी बनेगा. यह ग्रहण सत्ता में बैठे लोगों को परेशान कर सकता है. व्यापार वालों के लिए ग्रहण मिलाजुला रहेगा. बैंकिंग सेक्टर वालों को इसका लाभ मिलोगा तो वहीं जमीन-मकान के कारोबार में नुकसान होगा. आईटी, चांदी, आभूषण, सिनेमा, कला, वस्त्र, और सुगंध उद्योग के लिए चुनौती के बाद लाभ का योग बनेगा.

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