आज मकर संक्रांति है जिसे हिन्दू धर्म में बड़े जोर-शोर के साथ मनाया जाता है. यह त्योहार पूरे भारत में विशेष महत्व रखता है. यह हिन्दुओं के मुख्य त्योहारों में से एक है. मकर संक्रांति जनवरी माह के चौदहवें दिन पड़ता है. शास्त्रों के अनुसार इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है. इस दिन खाने की सामग्री में तिल से बनी चीजें और चावल से बनी खिचड़ी का सेवन करते हैं. आइए जानें इसके पीछे क्या महत्व है. मकर संक्राति को खिचड़ी क्यों खाते हैं?
खिचड़ी का महत्व
मकर संक्रांति के दिन घर में खुशहाली का माहौल होता है. इस दिन महिलाएं प्रातःकाल उठकर स्नान करके बच्चों को भी तैयार करतीं हैं. इस दिन घर पकवानों की खुशबू से महक रहा होता है. घर में अलग-अलग प्रकार के पकवानों के साथ खिचड़ी भी बनाई जाती है जिसका बड़ा महत्व माना जाता है. इस दिन को लोग देश भर में अच्छी फसल होने की खुशी में भी मनाते हैं. कुछ लोगो का मानना है कि यूपी में चावल की अच्छी फसल होने की बजय से खिचड़ी खाने का महत्व होता है. यह नए साल का पहला पर्व होता है. इसलिए लोग इसे नए वर्ष के रूप में भी मनाते हैं. चावल से खिचड़ी बना कर लोग नए साल का स्वागत हैं.
कथा के अनुसार बाबा गोरखनाथ ने खिचड़ी बनाने की परंपरा को शुरू किया था. इस पर्व को उत्तर प्रदेश और बिहार में खिचड़ी का पर्व भी कहा जाता है. कथा के अनुसार खिलजी द्वारा किए गए आक्रमण के कारण बाबा गोरखनाथ योगियों के लिए भोजन नहीं बना पाते थे. इस बजय से योगी भूखे होने के कारण कमजोर भी हो रहे थे. इसलिए बाबा ने दाल, चावल और सब्जी को एक साथ पकाने की सलाह दी. यह काफी पौष्टिक और स्वाद से भरपूर था. इसको खाने के बाद शरीर को तुरंत उर्जा मिलती थी. सभी को यह बहुत पसंद आया और बाबा गोरखनाथ ने इसका नाम खिचड़ी रखा. झटपट बनकर तैयार होने वाली इस खिचड़ी से योगियों को भोजन की समस्या से समाधान मिला गया. और वे खिलजी के आतंक को समाप्त कर पाऐ. गोरखपुर में बाबा गोरखनाथ के मंदिर के पास आज भी मकर संक्रांति के दिन से खिचड़ी मेला आरंभ होता है. जो कई दिनों तक चलता है इस मेले में बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी का भोग लगाया जाता है और खिचड़ी को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है.
खान-पान
मकर संक्रांति को पूरे भारत में जोर-शोर के साथ मनाया जाता है. इस दिन घर पर तिल से बनी चीजें का सेवन किया जाता है, जिसमें तिल लड्डू, तिल गजक, तिल कुट्टा खास होता है. इस दिन मूंगफली, गुड़ सूखे मेवे और घी का भी सेवन किया जाता है. इस दिन खाने की खुशबू से पूरा घर मेहक रहा होता है. घर में खुशहाली का माहौल होता है परिवार के सभी लोग एक साथ मिल कर खुशियां मना रहे होते हैं.
