लखनऊ : बजट मतलब उम्मीदों को एकजुट करना, संभावनाओं को सहेजना, भरोसे को कायम रखना औऱ विकास को गति प्रदान करना, आबादी के हिसाब से उत्तर-प्रदेश देश का सबसे बड़ा सूबा है, लिहाजा राज्य सरकार के लिए बजट में इन सब बातों पर खरा उतरना भी एक चुनौती होती है. किसान, नौजवान, महिला, बेरोजगार, गरीब कमजोर, सभी को ध्यान में रख प्रदेश की योगी सरकार ने अगले एक साल के बजट की रुपरेखा तैयार कर ली है, कल योगी सरकार सदन के पटल पर बजट का पिटारा खोलेगी.लेकिन हम आपको बजट से पहले बताएंगे की इस बार कौन कौन सी बाते बजट में शामिल होने जा रह हैं.
चुनावी बजट होगा
बजट का इंतजार कर रही जनता की उम्मीदें हैं के इस बार के बजट से उसकी जिंदगी पहले से बेहतर होगी खुशहाल होगी. वहीं इस बजट के जरीए योगी सरकार आने वाले आम चुनाव की चौसर बिछाएगी. ऐसे में क्या-क्या शामिल होगा बजट के पिटारे में और उससे जनता की कितनी मुरादे पूरी होंगी तो अनुमान के मुताबिक अबकी बार बजट 5 लाख करोड़ के पार होगा. इस बजट में अयोध्या, मथुरा, काशी, विंध्याचल जैसे तीर्थस्थलों के विकास पर फोकस रहेगा. वहीं बजट में पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण को गति मिल सकती है. इनके अलावा स्वच्छता मिशन जैसे मोदी के महत्वपूर्ण अभियानों को प्राथमिकता मिलेगी साथ ही विद्युतीकरण और सड़क निर्माण पर भी रहेगा फोकस. डिफेंस कॉरिडोर और जेवर एयरपोर्ट को खास तवज्जो मिल सकती है. बजट के केन्द्र में गांव, खेत और किसान रहेंगे. प्राइमरी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए पहले से ज्यादा पैसा दिया जाएगा. गौ संवर्धन के लिए योगी खजाना खोलेंगे. लोकसभा चुनावों के मद्देनजर लोकलुभावन होगा योगी का यह बजट
बजट में दिखेगी हिंदुत्तव की छाप
पिछली बार की तरह इस बार भी बजट में हिंदुत्तव की छाप दिखाई देगी क्योंकि हिंदू धर्म के तीर्थस्थलों को संवारने के लिए योगी सरकार विशेष तौर पर प्रावधान करेगी, रामायण सर्किट के अलावा गायों के लिए भी बजत में खासा इंतजाम होगा.
