नई दिल्ली : भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 2014 का चुनाव अब तक का सबसे अमीर चुनाव माना जाता है, इस चुनाव में करीब 35 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए थे, लेकिन अब 19 का चुनाव ना सिर्फ 2014 के चुनाव का रिकॉर्ड तोड़ेगा बल्कि खर्च के मामले में 2016 में हुए अमेरिकी चुनावी खर्च को भी पछाड़ सकता है.
इतने खर्च कर ट्रंप बने अमेरिका के राष्ट्रपति
2016 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव दुनिया का अब तक का सबसे खर्चीला चुनाव है, इस चुनाव में करीब 46 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए थे, लेकिन सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज के मुताबिक भारत में होने वाला 2019 का चुनाव अमेरिकी चुनाव को भी पीछे छोड़ देगा, इस चुनाव में इतना पैसा बहेगा की सब देखते रह जाएंगे.
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50 हजार करोड़ से ज्यादा होगा खर्च
नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज के अनुसार इस बार चुनाव प्रक्रिया में अभूतपूर्व तरीके से 500 अरब रुपये यानि करीब 50 हजार करोड रुपए खर्च होंगे. CMS के आकलन पर गौर करें तो यह 2014 में संसदीय चुनावों के दौरान हुए खर्चे 5 अरब डॉलर से 40 फीसदी ज्यादा है. इतना ही नहीं, एक ऐसे देश में जहां 60 फीसदी आबादी 3 डॉलर प्रतिदिन पर जीवन-यापन करती है यह खर्च प्रति वोटर तकरीबन 8 डॉलर बैठता है. सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज खर्च में ज्यादातर बढ़ोतरी सोशल मीडिया के इस्तेमाल, यात्रा और विज्ञापन पर होगी.
‘सोशल मीडिया खर्चे में काफी बढ़ोतरी’
रिपोर्ट के मुताबिक 2014 की तुलना में सोशल मीडिया पर खर्च में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. पिछली बार के 2.5 अरब रुपये के खर्च से बढ़कर इस बार सोशल मीडिया पर खर्च 50 अरब रुपये हो सकता है. वहीं इस बार हेलिकॉप्टरों, बसों और उम्मीदवारों व पार्टी वर्करों की यात्राओं के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले साधनों में काफी बढ़ोतरी होगी.
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