जिस मंदिर में पूजा करता था लंकापति रावण, अयोध्या के बाद अब वहां पहुंची प्रियंका गांधी

अपना एनसीआर अपना चुनाव होमपेज स्लाइडर

गाजियाबाद : सक्रिय राजनीति में आने के बाद प्रियंका गांधी सॉफ्ट हिंदुत्तव वाले एजेंडे के तहत मंदिर मंदिर जाकर पूजा प्रार्थना करती नजर आ रही हैं, हाल ही में की वोट यात्रा में उन्होंने प्रयागराज में लेटे हनुमान जी के दर्शन किए, उसके बाद संगम तट परजाकर गंगाजल आचम किया और फिर मां विंध्यवासिवनी और काशी विश्वनाथ मंदिर भी गईं.

मां दुर्गा के व्रत में नहीं होगी किसी तरह की परेशानी, इन बातों का रखिए ध्यान

गाजियाबद में किए दूधेश्वरनाथ मंदिर के दर्शन
गाजियाबाद में पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल को होनी है.
लिहाजा प्रियंका गांधी 5 अप्रैल को गाजियाबाद की कांग्रेस उम्मीदवार डॉली शर्मा के लिए प्रचार करने पहुंची, प्रचार की शुरुआत उन्होंने मंदिर दर्शन से ही, तय शेड्यूल के मुताबिक प्रियंका प्राचीन मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचीं. बता दें, गाजियाबाद के इस मंदिर का इतिहास लंकापति रावण से सम्बंधित है. बताया जाता है कि यहां एक बार जो दर्शन करने आता है उसकी मनोकामना भोले बाबा अवश्य पूरी करते हैं.

OMG! इससे शादी कर चुके हैं राहुल गांधी, इंटरव्यू में खुद किया खुलासा

रावण और उसके पिता ने की थी यहां कड़ी तपस्या
इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां लंका नरेश रावण और उनके पिता ने कड़ी तपस्या की थी. मंदिर के मंहत नारायण गिरी के मुताबिक इस मंदिर से पहले यहां एक सुरंग थी जो सीढ़ी रावण के गांव बिसरख और हिंडन की ओर निकलती थी. लेकिन वक़्त के साथ सुरंग का अस्तित्व समाप्त होता चला गया. पुराणों में हिरण्यदा नदी के किनारे बसे हिरण्यगर्भ ज्योतिर्लिंग के बारे में बताया गया है. यह वही स्थान है जहां रावण के पिता विश्वश्रवा ने कड़ी तपस्या की थी. कालांतर में हरनंदी नदी का नाम बदलकर हिंडन हो गया. वहीं हिरण्यगर्भ ज्योतिर्लिंग दूधेश्वर महादेव मठ मंदिर में धरती से साढ़े तीन फीट नीचे स्वयंभू दिव्य शिवलिंग स्थापित है.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *