क्या निरहुआ से डर गए अखिलेश यादव ?  अखिलेश यादव ने निरहुआ को बताया ‘साजिश ‘

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लखनऊ : लोकसभा चुनाव की सरगर्मीयां तेज होती जा रही है, राजनेता जमकर प्रचार कर रहे हैं, कांग्रेस के बाद समाजवादी पार्टी ने भी अपना घोषणापत्र जारी किया, घोषणापत्र में समाजवादी पार्टी ने कई लोकलुभावन वादे किए, वहीं पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने पहली बाद भोजपुरी सुपरस्टार और अपने प्रतिद्वंदी दिनेश लाल यादव यानि निरहुआ पर कुछ बोला

बीजेपी की किसी साजिश में नहीं आएगी जनता

आज़मगढ़ में निरहुआ के चुनाव मैदान पर उतरने को लेकर अखिलेश ने कहा कि बनारस से ज्यादा वोटों से जीत हासिल होगी. यूपी में बीजेपी सिर्फ एक सीट जीत रही है. निरहुआ से प्रतिद्वंद्वीता पर अखिलेश बोले ‘चुनाव चुनाव की तरह होता है आजमगढ़ की जनता समाजवादियों से लगाव रखती है. आजमगढ़ की जनता बीजेपी की किसी साजिश में नहीं आएगी’ बता दें निरहुआ को बीजेपी ने अखिलेश यादव के सामने मैदान में उतारा है, ऐसे में बीजेपी की साजिश करार देना सवाल खड़े कर रहा है कि क्या अखिलेश यादव निरहुआ से डर गए हैं, क्या उन्हें हार का डर सताने लगा है.

अखिलेश यादव बड़े भाई जैसे- निरहुआ

वहीं एक इंटरव्यू में निरहुआ ने कहा कि अखिलेश यादव उनके बड़े भाई जैसे हैं. उनका आशीर्वाद लूंगा. मैं उनसे यह भी कहूंगा कि अगर वह यूपी में 38 सीटें बीएसपी को दे सकते हैं तो एक सीट इस यादव के लिए भी छोड़ दें. एक और सवाल का जवाब देते हुए निरहुआ ने कहा कि अखिलेश यादव आज भी उनके नजदीक हैं और ऐसे ही रहेंगे लेकिन उनकी विचारधारा से सहमत नहीं हूं उन्होंने यादवों के साथ धोखा किया है और उन्हें इस बात का एहसास नहीं है.

अखिलेश यादव की पकड़ मजबूत

आजमगढ़ यादव पट्टी की मजबूत कड़ी है, यहां यादवों का बोलबाला तो है ही लेकिन दलित और मुस्लिम फैक्टर भी यहां चलता है, 2011 की जनगणना के मुताबिक करीब 16 फीसदी मुस्लिम और 22 फीसदी दलित है जो किसी भी दल के लिए हार जीत तय कर सकते हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि गठबंधन के बाद अखिलेश यादव को 22 फीसदी दलित वोट बैंक में से अच्छा खासा वोट मिल सकता है जिससे अखिलेश यादव की बड़ी जीत हो सकती है

 

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