लखनऊ: दिवाली पर सरकार से नौकरी की सौगात पाने की उम्मीदें पाले बैठे 32 हजार अनुदेशकों को सरकार ने बड़ा झटका दिया है. 4000 उर्दू टीचरों की भर्ती रद्द करने के बाद प्रदेश की योगी सरकार ने अखिलेश यादव सरकार का एक और फैसला पलट दिया है. 2016 में सपा सरकार द्वारा शुरू की गई 32022 खेलकूद एंव अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया को योगी सरकार ने निरस्त कर दिया है.
बता दें कि, 2016 में शुरू हुई इस भर्ती प्रकिया पर 23 मार्च 2017 को बीजेपी सरकार ने रोक लगा दी थी. इसके बाद ये खेल अनुदेशक सिंगल बेंच और डबल बेंच से भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का ऑर्डर भी ले आए. लेकिन भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के बजाए सरकार ने तो अब भर्ती ही रद्द कर दी है. ऐसे में हजारों शिक्षको के सामने फिर भविष्य का सवाल मुंह बाहे खड़ा हो गया है.
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हाल ही में उर्दू शिक्षकों की भर्ती हुई थी रद्द
प्रदेश सरकार ने भर्ती रद्द करने के जो कारण बताए हैं उनके मुताबिक, शिक्षा के अधिकार कानून के तहत जिन स्कूलों में 100 से ज्यादा छात्र होंगे उन्ही जगह पर खेल अनुदेशक नियुक्त किए जा सकेंगे. लेकिन सपा सरकार ने 100 से कम छात्र वाले स्कूलों में भी 32022 अनुदेशकों की भर्ती शुरू कर दी थी. सरकार की दलील है कि, अनुदेशकों की ये भर्ती शिक्षा के अधिकार अधिनियम के मापदंडो के विपरित है. अभी अक्टूबर में ही सरकार ने 4 हजार उर्दू शिक्षकों की भर्ती को रद्द किया था. अब दीपावली से पहले खेल अनुदेशकों की भर्ती रद्द होने से 32 हजार से ज्यादा परिवारों में मायूसी का उत्सव मनेगा.
