आज इस साल का पहला चंद्रग्रहण लगने वाला है. खास बात यह है कि आज पौष पूर्णिमा भी है, इसलिए चंद्र ग्रहण का महत्व बढ़ गया है. चंद्र ग्रहण आज रात 10.39 मिनट से शनिवार (11 जनवरी) तड़के 2.42 मिनट तक रहेगा. मान्यता है कि चंदग्रहण के समाप्त होने के बाद चावल, आटे और गर्म कपड़ों का भी दान करने से सभी कष्ट दूर होते हैं. ग्रहण के दिन चंद्रमा का रंग लाल हो जाता है. बताया जाता है कि इस अवधि के दौरान चंद्रमा धरती के काफी नजदीक होता है.
कब होता है चंद्रग्रहण
जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य जब एक ही लाइन में आ जाते हैं और जब चांद पर पृथ्वी की प्रच्छाया पड़ती है तब चंद्रग्रहण होता है.
- चंद्रग्रहण के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
कच्ची सब्जियां और फल खाए जा सकते हैं. इनमें इस दौरान कोई बदलाव नहीं देखा गया है. - घर में रखे हुए पानी में कुशा डाल दें जिससे पानी दूषित नहीं हो पाता है.
- पवित्र नदियों में स्नान कर दान देना न भूलें.
- इस दौरान संयम से जप-तप और ध्यान करें, ज्यादा लाभ होता है.
- सूर्य या चन्द्र ग्रहण समाप्त होते ही उसका (सूर्य या चन्द्र) शुद्ध बिम्ब देखें और फिर भोजन करें.
इन कामों को करने से बचें
सिर पर तेल लगाने, खाना खाने और बनाने से बचें. ऐसी मान्यता है कि पका हुआ भोजन ग्रहण लगने तक पूरी तरह से जहर हो जाता है.
भोजन करने से बचें क्योंकि वायुमंडल में बैक्टीरिया और संक्रमण का प्रकोप तेजी से बढ़ जाता है और भोजन करने से संक्रमण अधिक बढ़ सकता है.
ग्रहण के समय पति और पत्नी शारीरिक संबंध न बनाएं. इस दौरान यदि गर्भ ठहरा तो संतान विकलांग तक या मानसिक रूप से विक्षिप्त पैदा हो सकती है.
कोई भी शुभ और नया कार्य शुरू न करें.
हिंदू शास्त्रों की माने तो किसी भी प्रकार का चंद्रग्रहण कभी भी किसी रूप में अशुभ ही होता है. ऐसा माना जाता है कि चंद्रग्रहण का प्रकोप किसी भी व्यक्ति पर पूरे 108 दिनों तक रहता है.
