नई दिल्लीः देश में किसी भी सरकार के सत्ता पर काबिज होने के बाद हर एक आम नागरिक की उम्मीदे और आस इसी बात पर टिकी होती हैं, कि सरकार उनके और देश के उज्जवल भविष्य के लिए क्या कदम उठाने वाली हैं, उनके हित में किस तरह के फैसले लिए जाएंगे.
ऐसे में हर आम आदमी को बेसब्री से इंतज़ार होता हैं बजट सत्र का, जिसमें काफी अहम मुद्दों पर फेसला लेते हुए सरकार अपने पिटारे से जनता के लिए कुछ ज़रूरी नीतियां लेकर आती हैं. देश में मोदी सरकार की दूसरी पारी में आज संसद में देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करने जा रही हैं. मोदी सरकार 2.0 के पहले बजट से लोगों को काफी उम्मीदे हैं, ऐसे में मोदी सरकार के पहले ब़जट सत्र में किन किन मुद्दॆं को लेकर फैसले लिए जा सकते हैं.
सुकन्या समृद्धि योजना में हो सकता है बदलाव
खुद भी एक महिला होने के नाते वित्त मंत्री न सिर्फ महिलाओं के हाथ में अतिरिक्त टैक्स राहत के रास्ते बढ़ा सकती हैं. बल्कि सुकन्या समृद्धि योजना में भी अतिरिक्त निवेश के प्रावधान कर सकती हैं. इसके अलावा इस सत्र में बच्चों की परवरिश पर आने वाले खर्च पर टैक्स छूट का प्रावधान भी काफी हद तक संभव है.
इतना ही नही सरकार महिलाओं को एजुकेशन लोन पर लगने वाली ब्याज दरों में भी छूट देने का ऐलान कर सकती है. इसके साथ ही देशभर में रोजगार और कंपनियों में उत्पादन करने के दृष्टिकोण से मोदी सरकार मुद्रा स्कीम की तर्ज पर महिलाओं को राहत देते हुए बड़ा ऐलान कर सकती हैं.
महिलाओं को बढ़ चढकर रोजगार देने के नज़रिए से सरकार कंपनियों को भी टैक्स में राहत दे सकती हैं. वित्त मंत्री सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में भी सोच रहीं होंगी, जिसके तहत अभी 1.5 लाख रुपए की टैक्स छूट देने का प्रावधान है, जिसमें सरकार और 50 हजार रुपए टैक्स छूट दे सकती हैं.
इसके अलावा वृद्धा अवस्था पेंशन और विधवा पेंशन की धन राशि को बढ़ाने का भी ऐलान इस बजट सत्र में हो सकता हैं. चुनाव के समय घोषणापत्र में सरकार द्वारा जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड ट्रेडर्स को 10 लाख रुपये तक का एक्सीडेंट इंश्योरेंस देने का वायदा किया गया था, इस पर भी निर्मला सीतारमण ने सोच विचार ज़रूर किया होगा.
